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महाराष्ट्र: लाडकी बहिन योजना से हिला बजट, अन्य योजनाएं हो रहीं प्रभावित? राजस्व मंत्री ने बताई हकीकत

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Feb 17, 2025 09:49 am IST,  Updated : Feb 17, 2025 09:49 am IST

लाडकी बहिन योजना के तहत 21-65 आयु वर्ग की उन महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह सहायता राशि दी जाती है, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है, घर में चार पहिया वाहन नहीं है और परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं है।

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चंद्रशेखर बावनकुले Image Source : X/CHNDRASHEKHARBAWANKULE

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने रविवार को कहा कि मुख्यमंत्री मांझी लाडकी बहिन योजना से कोई भी अन्य योजना प्रभावित नहीं हुई है। उन्होंने यह भी साफ किया कि प्रत्येक कल्याणकारी योजना के लिए अलग-अलग बजटीय प्रावधान किए गए हैं। महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष बावनकुले ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘हमारी सरकार ने हर योजना के लिए अलग से बजट आवंटित किया है। लाडकी बहिन योजना के लिए अलग से बजट है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसी तरह, कृषि फसल बीमा के लिए अलग से बजट है और कुछ लोग लाडकी बहिन योजना को लेकर भ्रम पैदा कर रहे हैं।’’ 

लाडकी बहिन योजना महाराष्ट्र सरकार ने चुनाव से पहले शुरू की थी। राज्य में दोबारा महायुति की सरकार बनने के बाद इस योजना को जारी रखा गया है। इसके तहत 21-65 आयु वर्ग की उन महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह सहायता राशि दी जाती है, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है। पात्रता की अन्य शर्तों में चार पहिया वाहन न होना और परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी सेवा में न होना शामिल है।

लाडकी बहिन’ के लाभार्थियों की संख्या पांच लाख घटी

‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ की लाभार्थियों की संख्या घटकर जनवरी में 2.41 करोड़ रह गई, क्योंकि विभिन्न कारणों से पांच लाख महिलाएं अपात्र पाई गई हैं। दिसंबर 2024 में लाभार्थियों की संख्या 2.46 करोड़ थी। महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने कहा है कि पिछले वर्ष जुलाई से दिसंबर के बीच इन महिलाओं के खातों में कुल मिलाकर 450 करोड़ रुपये अंतरित किए गए, लेकिन यह राशि वापस नहीं ली गई है और राज्य सरकार का ऐसा करने का कोई इरादा भी नहीं है। 

इस आधार पर अपात्र पाई गईं महिलाएं

अधिकारी ने बताया कि जिन पांच लाख महिलाओं को अपात्र माना गया, उनमें से 1.5 लाख महिलाएं 65 वर्ष से अधिक उम्र की थीं, जबकि 1.6 लाख महिलाओं के पास या तो चार पहिया वाहन था या वे ‘नमो शेतकरी योजना’ जैसी अन्य सरकारी योजनाओं की लाभार्थी थीं। अधिकारी ने बताया कि करीब 2.3 लाख महिलाएं संजय गांधी निराधार योजना के तहत लाभ प्राप्त कर रही थीं, जिससे वे ‘लाडकी बहिन योजना’ के लिए अपात्र हो गईं। (इनपुट- पीटीआई भाषा)

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