Maharashtra News: पूर्व विधायक विनायक मेटे की सड़क हादसे में मौत, इस जगह हुआ एक्सीडेंट

Maharashtra News: महाराष्ट्र के पूर्व विधायक विनायक मेटे की सड़क हादसे में मौत हो गई है। वह शिव संग्राम पार्टी के अध्यक्ष थे।

Reported By : Atul Singh Edited By : Shailendra Tiwari Updated on: August 14, 2022 9:49 IST
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Highlights

  • पूर्व विधायक विनायक मेटे की कार हादसे में हुई मौत
  • मुम्बई-पुणे एक्सप्रेस हाइवे पर हुआ हादसा
  • वह शिव संग्राम पार्टी के अध्यक्ष थे।

Maharashtra News: महाराष्ट्र के पूर्व विधायक विनायक मेटे की कार हादसे में मौत हो गई। हादसा आज सुबह 5 बजे हुआ जब वह अपने कार से मुम्बई जा रहे थे। उनका मुम्बई-पुणे एक्सप्रेस हाइवे पर एक्सीडेंट हुआ था। इस हादसे में विनायक मेटे गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें एम्बुलेंस से कामोठे में स्थित MGM हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया। एडमिट के समय डॉ धरमांग ने विधायक विनायक मेटे को मृत घोषित कर दिया। मेटे के साथ उनके बॉडीगार्ड कार में फंस गए थे जिन्हें बाद में निकाला गया जिनका हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। 

मुम्बई जा रहे थे विनायक मेटे

मिली जानकारी के मुताबिक, ड्राइवर एकनाथ कदम के साथ विनायक मेटे मुम्बई जा रहे थे कि अचानक ड्राइवर ने कंट्रोल खो दिया और आगे जा रही एक अज्ञात कार में पीछे से टक्कर मार दी। जानकारी के मुताबिक ये हादसा पनवेल के पास  माडप टनल में हुआ है। हादसे में विनायक मेटे की एसयूवी कार के परखच्चे उड़ गए। 

मराठा आरक्षण को लेकर चलाए थे आंदोलन

विनायक मेटे एक मराठा नेता थे और महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर पूरे राज्य में चलाए गए आंदोलन की शुरुआत मेटे ने ही की थी। मराठा आरक्षण को लेकर लगातार विनायक मेटे ने राज्य सरकार पर दबाव बनाया। सुप्रीम कोर्ट में भी मराठा आरक्षण पर रोक लगाए जाने के विरोध में मेटे ने राज्य सरकार के अलावा खुद भी पेटीशन फाइल की थी। शिवसंग्राम पार्टी के नेता और पूर्व विधायक मेटे अपनी गाड़ी एंडेवर-MH 01 DP 6364 में सवार थे। बता दें कि महाराष्ट्र में शिवसंग्राम पार्टी बीजेपी की सहयोगी है।

गोपीनाथ मुंडे के साथ काफी करीबी

मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस भी अस्पताल के लिए निकल रहे हैं। विनायक मेटे का गोपीनाथ मुंडे के साथ काफी करीबी रिश्ता था। उन्होंने 2014 विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी के साथ हाथ मिलाया। इससे पहले वो एनसीपी समर्थक थे। मेटे को मराठा समाज के लिए काम करने के लिए जाना जाता था, उनके निधन को इस समाज के लिए काफी बड़ा झटका माना जा रहा है। विनायक मेटे 2016 में बीजेपी कोटे से निर्विरोध एमएलसी चुने गए थे। मेटे तीन बार विधायक रह चुके थे।


राज्यपाल ने व्यक्त किया शोक

शिव संग्राम संगठन के अध्यक्ष विनायक मेटे के निधन पर महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शोक व्यक्त किया है। राज्यपाल ने शोक संदेश में कहा है,"एक सड़क दुर्घटना में शिव संग्राम संगठन के अध्यक्ष विनायक मेटे के निधन के बारे में जानकर स्तब्ध और दुखी हूं। पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए उनका समर्पित कार्य उल्लेखनीय था। मैं इस अवसर पर शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।"

वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मौत कैसे हुई, पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए हैं।

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