ये कर्मचारी अलग अलग स्थानों पर कम कर रहे थे। नौकरी से निकाले गए लोगों को मुआवजे के तौर पर उतने माह का वेतन दिया गया है जितने साल उन्होंने कंपनी में कम किए थे। वैसे इस संबंध में भेजे गए ई-मेल का टाटा टेलीसर्विसेज ने कोई जवाब नहीं दिया।
कंपनी के सूत्रों ने बताया कि यह दूरसंचार उद्योग के एिल चुनौतीपूर्ण दौर है। उन्होंने कहा, टाटा समेत ज्यादातर संचालक जो कर रहे हैं वे श्रमबल को तार्किक बना रहे हैं ताकि वे बाजार की जरूरतों के हिसाब से प्रतिस्पर्धी बने रहें। यह छंटनी ऐसे वक्त की गई है जब दूरसंचार उद्योग में दरों को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा चल रही है। रिलायंस जियो के उतरने से यह प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।
भाड़े के 10,000 अमेरिकी कर्मियों से काम चलाएगी इंफोसिस
इंफोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल सिक्का ने कहा, “इंफोसिस अगले दो वर्षो में 10,000 अमेरिकी टेक्नोलॉजी श्रमिकों की भर्ती करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि अमेरिका में हम अपने ग्राहकों को खोज में मदद और डिजिटल भविष्य प्रदान कर सके।”