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नए बिजनेस का रजिस्‍ट्रेशन कराने के लिए अनिवार्य नहीं है आधार नंबर, MSME मंत्री ने किया स्‍पष्‍ट

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Nov 18, 2015 07:25 pm IST,  Updated : Nov 18, 2015 08:08 pm IST

केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा है कि उद्यमियों के लिए नया बिजनेस रजिस्‍टर करवाने के लिए आधार नंबर अनिवार्य नहीं है।

नए बिजनेस का रजिस्‍ट्रेशन कराने के लिए अनिवार्य नहीं है आधार नंबर, MSME मंत्री ने किया स्‍पष्‍ट- India TV Hindi
नए बिजनेस का रजिस्‍ट्रेशन कराने के लिए अनिवार्य नहीं है आधार नंबर, MSME मंत्री ने किया स्‍पष्‍ट

नई दिल्‍ली। केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा है कि उद्यमियों के लिए नया बिजनेस रजिस्‍ट्रेशन करवाने के लिए आधार नंबर अनिवार्य नहीं है। सेंटर फॉर रिस्‍पॉन्‍सेबल बिजनेस द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए MSME मंत्री कलराज मिश्रा ने कहा कि, मैं आज यह स्‍पष्‍ट करना चाहता हूं कि नया बिजनेस पंजीकृत करवाने के लिए आधार नंबर अनिवार्य नहीं है।

उन्‍होंने कहा कि एमएसएमई मंत्रालय ने कारोबार का ऑनलाइन पंजीकरण शुरू किया है। ऐसी खबरें आई थीं कि नए कारोबार के पंजीकरण के लिए आधार संख्या अनिवार्य है। आज यह स्पष्ट किया जा रहा है कि इसके लिए आधार नंबर अनिवार्य नहीं है।  उद्यमशीलता के लिए पंजीकरण प्रक्रिया आसान करने और कारोबार में सुगमता को प्रोत्साहित करने के लिए एमएसएमई मंत्रालय ने सितंबर में नया एक पन्ने का पंजीकरण फार्म उद्योग आधार जारी किया था, जिसे एमएसएमई द्वारा भरा जाना है।

मिश्रा ने कहा कि उद्योग आधार के तहत अभी तक 48,000 से अधिक उद्यमी ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कुटीर व लघु उद्यमों को प्रोत्साहन देने के लिए कई उपाय किए हैं। गैर निष्पादित आस्तियां बन चुकीं कुटीर व लघु कारोबारी इकाइयों के रिवाइवल के लिए एक अधिसूचना जारी की गई है।  इसके अलावा, सरकार ने सार्वजनिक उपक्रमों के लिए यह अनिवार्य किया है कि वे एक अप्रैल, 2015 से अपनी सालाना खरीद का कम से कम 20 फीसदी हिस्‍स एमएसएमई से खरीदना सुनिश्चित करें।

एमएसएमई सेक्‍टर के लिए सतत मानकों पर रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि भारत के संदर्भ में, हमें एमएसएमई के लिए मानक तय करने के लिए कई कदम उठाने होंगे। हमें यह ध्‍यान में रखना चाहिए कि मानकों का मतलब यह नहीं है कि फॉर्च्‍यून 500 कं‍पनियों के मानक एमएसएमई पर नहीं थोपे जा सकते हैं। इसी प्रकार फॉर्च्‍यून 500 कंपनियां भी एमएसएमई के लिए तय मानकों का पालन नहीं कर सकती हैं।

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