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टैक्स की दरें पत्थर पर नहीं लिखी जाती, जेटली का जीएसटी रेट को कंस्टीटूशन बिल में शामिल करने से इनकार

 Written By: Dharmender Chaudhary
 Published : Dec 13, 2015 08:47 am IST,  Updated : Dec 13, 2015 09:25 am IST

अरूण जेटली ने जीएसटी रेट को कंस्टीटूशन बिल में शामिल करने से इंकार कर दिया है। जेटली ने कहा कि टैक्स की शुल्क दरें पत्थर पर नहीं लिखी जाती हैं।

टैक्स की दरें पत्थर पर नहीं लिखी जाती, जेटली का जीएसटी रेट को कंस्टीटूशन बिल में शामिल करने से इनकार- India TV Hindi
टैक्स की दरें पत्थर पर नहीं लिखी जाती, जेटली का जीएसटी रेट को कंस्टीटूशन बिल में शामिल करने से इनकार

नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) रेट को कंस्टीटूशन बिल में शामिल करने से इंकार कर दिया है। जेटली ने कहा कि टैक्स की शुल्क दरें पत्थर पर नहीं लिखी जाती हैं। जेटली ने कहा कि कांग्रेस की यूनाइटेड प्रोग्रेसिव अलायंस (यूपीए) सरकार के वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के जीएसटी परिषद और उसके द्वारा नियुक्त की जाने वाली कर विवाद निपटान फोरम के प्रस्ताव को स्वीकार कर लेना चाहिए। कांग्रेस इसके स्थान पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को न्यायिक अधिकारी बनाने की मांग कर रही है।

देश की तरक्की विरोधी है कांग्रेस

कांग्रेस की तीन मुख्य मांगे हैं जिनको लेकर वह जीएसटी कंस्टीटूशन बिल का विरोध कर रही है। जेटली ने कहा कि कांग्रेस रोज अपनी बात बदल रही है, क्योंकि वह मानती है कि एक परिवार को छोड़कर कोई भी इस देश पर राज नहीं कर सकता है। आप सीधे सीधे यह क्यों नहीं कह देते कि हम देश की तरक्की को रोकना चाहते हैं। कांग्रेस के लिए, एक परिवार को छोड़कर कोई दूसरा राज नहीं कर सकता। यही मुख्य मुद्दा है। उन्होंने कहा, वह रोजाना अपनी बात बदल रहे हैं।

टैक्स की दरें पत्थर पर नहीं लिखी जाती

कांग्रेस की जीएसटी की 18 फीसदी की दर को कंस्टीटूशन बिल में लिखे जाने पर जेटली ने कहा कि पूरी दुनिया में कहीं भी कर की दरें संविधान में नहीं लिखीं जाती। उन्होंने कहा, क्या शुल्क दरें कहीं पत्थर पर लिखी जाती हैं। ऐसा दुनिया में कहीं नहीं होता है। आप (कांग्रेस) असंभव शर्त थोपने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस की राज्यों को एक फीसदी अतिरिक्त कर लगाने का अधिकार देने का प्रस्ताव हटाने की मांग पर उन्होंने कहा कि सरकार इस बारे में गुजरात और तमिलनाडु जैसे विनिर्माण करने वाले राज्यों से बातचीत करेगी। ये राज्य इस प्रकार का शुल्क लगाने की मांग कर रहे हैं।

जीएसटी बिल पास नहीं होने देना चाहती कांग्रेस

जेटली ने कांग्रेस की राज्यों के बीच के विवाद उच्चतम न्यायालय के न्यायाधिकार में लाने की मांग को खारिज करते हुए पार्टी को चुनौती दी है, कि वह एक भी ऐसा राज्य बता दे जो कि अपने कर लगाने के अधिकार को शीर्ष अदालत के अधीन लाना चाहता है। वित्त मंत्री ने कहा, इस मामले में मैंने उन्हें जो प्रस्ताव दिया है कि उसमें कहा है कि चिदंबरम ने एक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए थे जिसमें स्वीकार किया गया था कि विवादों को राज्यों की जीएसटी परिषद द्वारा निपटाया जाएगा। यदि इसमें उनका निपटारा नहीं होता है कि परिषद खुद एक शिकायत निपटान प्रणाली तैयार करेगी।

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