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भारत-22 ETF की अतिरिक्त बिक्री होगी 14 फरवरी को, सरकार का 3500 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Feb 12, 2019 04:38 pm IST,  Updated : Feb 12, 2019 04:38 pm IST

यह बिक्री पेशकश मात्र एक दिन के लिए खुलेगी। उसी दिन संस्थागत और खुदरा निवेशक इसमें भाग ले सकते हैं।

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bharat 22 ETF Image Source : BHARAT 22 ETF

नई दिल्ली। सरकार 3,500 करोड़ रुपए जुटाने के लक्ष्य से 14 फरवरी को भारत-22 एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) की यूनिटों की एक और बिक्री पेशकश करेगी। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इस साझा कोष का पैसा चुनिंदा सरकारी उपक्रमों में लगाया जाता है और इसकी यूनिट शेयर बाजार में खरीदी बेची जा सकती हैं।

उन्होंने कहा कि यह बिक्री पेशकश मात्र एक दिन के लिए खुलेगी। उसी दिन संस्थागत और खुदरा निवेशक इसमें भाग ले सकते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि भारत-22 ईटीएफ की अतिरिक्त बिक्री पेशकश 14 फरवरी को की जाएगी। यह सिर्फ एक दिन के लिए होगी। इस निर्गम का आकार 3,500 करोड़ रुपए तय किया गया है। साथ ही अतिरिक्त अभिदान का विकल्प भी रखा गया है।  

ईटीएफ की इस बिक्री से सरकार को चालू वित्त वर्ष में 80,000 करोड़ रुपए के विनिवेश लक्ष्य को पाने में मदद मिलेगी। अभी तक सरकार ने ईटीएफ और लोक उपक्रमों में अपनी हिस्सेदारी बेचकर लगभग 36,000 करोड़ रुपए जुटाये हैं। आम तौर पर किसी ईटीएफ की फॉलो-ऑन पेशकश चार दिन तक खुली रहती है। इसमें पहला दिन एंकर निवेशकों के लिए और बाकी के तीन दिन संस्थागत एवं खुदरा निवेशकों के बोली लगाने के लिए होते हैं। 

लेकिन यह भारत-22 ईटीएफ की अतिरिक्त पेशकश है तो यह खुदरा एवं संस्थागत दोनों तरह के निवेशकों के लिए एक ही दिन खुलेगा। सरकार ने भारत-22 ईटीएफ से अब तक 22,900 करोड़ रुपए जुटाए हैं। इसमें 14,500 करोड़ रुपए नवंबर 2017 में और 8,400 करोड़ रुपए जून 2018 में जुटाए गए। 

इस ईटीएफ में ओएनजीसी, इंडियन ऑयल, भारतीय स्टेट बैंक, भारत पेट्रोलियम, कोल इंडिया और नाल्को जैसे केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम भी शामिल हैं। इसके अलावा इसमें भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियर्स इंडिया, एनबीसीसी, एनटीपीसी, एनएचपीसी, एसजेवीएनएल, गेल, पीजीसीआईएल और एनएलसी इंडिया शामिल हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के तीन बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, इंडियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा भी भारत-22 ईटीएफ का हिस्सा हैं। 

सरकार द्वारा ‘स्पेसिफाइड अंडरटेकिंग ऑफ यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया’ (एसयूयूटीआई) के माध्यम से एक्सिस बैंक, आईटीसी और एलएंडटी में अपनी रणनीतिक हिस्सेदारी को भी ईटीएफ में रखा है। सरकार की ओर से चालू वित्त वर्ष में की जाने वाली यह दूसरी ईटीएफ पेशकश है। इससे पहले सरकार ने नवंबर 2018 में केंद्रीय लोक उपक्रम ईटीएफ के माध्यम से 17,300 करोड़ रुपए जुटाए थे। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र की 11 कंपनियों के शेयर शामिल है। 

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