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सरकार ने 2020-21 तक सात सत्रों के लिए कपास की खरीद को 17,409 करोड़ रुपये मंजूर किए

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Nov 10, 2021 06:05 pm IST,  Updated : Nov 10, 2021 06:05 pm IST

सीसीआई और अधिकृत एजेंसियों ने 2019-20 में कपास की 123 लाख गांठ और 2020-21 में 100 लाख गांठ की खरीद की है।

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7 सत्रों के लिये कपास की खरीद को 17,409 करोड़ रुपये मंजूर Image Source : PTI

नई दिल्ली। सरकार ने बुधवार को भारतीय कपास निगम (सीसीआई) को 2014-15 से 2020-21 तक कपास के सात सत्रों के लिए 17,408.85 करोड़ रुपये के 'प्रतिबद्ध मूल्य समर्थन' को मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने यह फैसला लिया। सीसीईए ने कपास के सत्र (अक्टूबर-सितंबर) 2014-15 से 2020-21 के दौरान कपास के लिए एमएसपी संचालन के तहत नुकसान की प्रतिपूर्ति के लिए व्यय की भी मंजूरी दी है। 

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि सीसीईए ने 2014-15 से 2020-21 (30 सितंबर, 2021 तक) के दौरान कपास के सत्र के लिए सीसीआई को 17,408.85 करोड़ रुपये के प्रतिबद्ध मूल्य समर्थन के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। सरकार ने कहा कि कपास की कीमतों के एमएसपी के मूल्य के बराबर पहुंचने के साथ कपास किसानों के हितों की रक्षा के लिए सीसीआई ने 2014-15 से 2020-21 के दौरान बड़ी मात्रा में कपास की खरीद की। एमएसपी पर कपास की खरीद ने कपास की कीमतों को स्थिर करने और किसानों के संकट को कम करने में मदद की। सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने मीडिया को मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि सीसीआई और अधिकृत एजेंसियों ने 2019-20 में कपास की 123 लाख गांठ और 2020-21 में 100 लाख गांठ की खरीद की। वार्षिक उत्पादन 350-360 लाख गांठ होने का अनुमान है। 

एक दूसरे फैसले में मंत्रिमंडल ने जूट वर्ष 2021-22 के लिए जूट पैकेजिंग सामग्री के लिए आरक्षण संबंधी मानदंडों को मंजूरी दे दी। ठाकुर ने कहा कि आरक्षण मानदंडों के अनुसार, जूट वर्ष 2021-22 के दौरान जूट पैकेजिंग सामग्री (जेपीएम) अधिनियम, 1987 के तहत 100 प्रतिशत खाद्यान्न और 20 प्रतिशत चीनी जूट की बोरियों में पैक की जाएगी। 

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