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US-Iran tension: अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने से कच्चे तेल का भाव 9 महीने की ऊंचाई पर

 Written By: India TV Paisa Desk
 Published : Jan 03, 2020 11:24 am IST,  Updated : Jan 03, 2020 02:39 pm IST

अमेरिकी हवाई हमले में ईरान गार्ड्स के पूर्व प्रमुख कासिम सुलेमानी की हत्या को लेकर विदेशी बाजारों में कच्चे तेल के दाम नौ महीने की ऊंचाई पर है।

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नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। अमेरिकी हवाई हमले में ईरान गार्ड्स के पूर्व प्रमुख कासिम सुलेमानी की हत्या को लेकर विदेशी बाजारों में कच्चे तेल के दाम नौ महीने की ऊंचाई पर है। विदेशी बाजार में फिलहाल फरवरी वायदा के लिए WTI क्रूड ऑयल का भाव 63 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है और इसमें 3 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल है वहीं मार्च वायदा के लिए ब्रेंट क्रूड का दाम भी 3.5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी के साथ 69 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है जो अप्रैल 2019 के बाद सबसे अधिक भाव है। 

बता दें कि, अमेरिकी एयर स्ट्राइक के दौरान गुरुवार देर रात इराक की राजधानी बगदाद में हवाई हमला करके ईरान गार्ड्स के पूर्व प्रमुख मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या को लेकर मीडिया रिपोर्टों के बाद से विदेशी बाजारों समेत एशियाई बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स के पूर्व प्रमुख ने शुक्रवार को कहा कि गार्ड्स के कुद्स फोर्स के कमांडर कासिम सुलेमानी की बगदाद में हत्या का बदला लिया जाएगा। इक्स्पीडीएन्सी काउंसिल के प्रमुख और गार्ड्स के पूर्व प्रमुख मोहसिन रेजाई ने ट्वीट किया, 'सुलेमानी अपने शहीद भाइयों में शामिल हो गए हैं लेकिन हम अमेरिका से बदला लेंगे।'

बताया जा रहा है कि बगदाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास सुलेमानी का काफिला बगदाद एयरपोर्ट की ओर बढ़ रहा था, इसी दौरान अमेरिका ने हवाई हमला कर दिया। इस हमले में ईरान समर्थित पॉप्‍युलर मोबलाइजेशन फोर्स के डेप्‍युटी कमांडर अबू मेहदी अल मुहांदिस के भी मारे जाने की खबर है।

अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने भी सुलेमानी की मौत की पुष्टि कर दी है। अमेरिका के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'विदेश में अमेरिकी कर्मियों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट रक्षात्मक कार्रवाई' करते हुए ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स कमांडर कासिम सुलेमानी को मारने का आदेश दिया था। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'जनरल सुलेमानी सक्रिय रूप से इराक में अमेरिकी राजनयिकों और सैन्यकर्मियों पर हमले की सक्रिय रूप से योजना बना रहा था। जनरल सुलेमानी और उसका कुद्स फोर्स सैकड़ों अमेरिकियों और अन्य गठबंधन सहयोगियों के सदस्यों की मौत और हजारों को जख्मी करने के लिए जिम्मेदार हैं।'

Qassim Sulaimani
Qassim Sulaimani

अमेरिकी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के सीनियर कमांडर सुलेमानी को मार डाला है। ईरान के सरकारी टीवी ने भी सुलेमानी के मारे जाने की पुष्टि की है। इराक की टीवी और तीन अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि बगदाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हवाई हमले में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के क्वाड फोर्स के कमांडर जनरल कासिम सोलेमानी समेत सात लोगों की मौत हुई है, इसमें इरान द्वारा समर्थित सेना का डिप्टी कमांडर की शामिल है। इस हमले के लिए अमेरिका को जिम्मेवार बताया जा रहा है। 

बता दें कि सुलेमानी को पश्चिम एशिया में ईरानी गतिविधियों को चलाने का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता है। सुलेमानी पर सीरिया में अपनी जड़ें जमाने और इजरायल में रॉकेट अटैक कराने का आरोप था। अमेरिका को लंबे समय से सुलेमानी की तलाश थी।

ट्रंप ने किया बिना टेक्स्ट का ट्वीट

फ्लोरिडा में छुट्टियां मना रहे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार आधी रात (भारतीय समयानुसार सुबह 8 बजे ) को सुलेमानी के मारे जाने के ठीक बाद अमेरिका का झंडा ट्वीट किया है। इसमें ट्रंप ने एक भी शब्द नहीं लिखा, बस अमेरिकी झंडे को पोस्ट भर कर दिया। बिना टेक्स्ट के किए गए इस ट्वीट में अमेरिका का झंडा दिखाने को लेकर समझा जा रहा है कि ट्रंप ने इसके जरिए संदेश देने की कोशिश की है। बता दें कि पिछले साल से ही ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिका ने ईरान पर कई पाबंदियां लगा रखी हैं।

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका

इस अमेरिकी हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ना तय माना जा रहा है। अमेरिका ने यह हमला ऐसे समय पर किया है जब ईरान समर्थित मिलिशिया ने बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमला कर दिया था। पिछले दिनों अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने आरोप लगाया था कि विदेशी अभियानों के लिए जिम्मेदार ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स की एक ईकाई 'कुद्स फोर्स' ने कच्चे तेल के माध्यम से असद और उनके लेबनानी सहयोगी हिजबुल्ला का समर्थन किया था।

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