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देना बैंक का घाटा बढ़कर हुआ 575 करोड़, गोदरेज कंज्‍यूमर का मुनाफा तीन गुना बढ़ा

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : May 09, 2017 06:30 pm IST,  Updated : May 09, 2017 06:41 pm IST

सरकारी क्षेत्र के देना बैंक का घाटा 2017-18 की चौथी तिमाही में गैर निष्पादित आस्तियों में बहुत अधिक वृद्धि की वजह से बढ़कर 575.26 करोड़ रुपए हो गया।

Q4 Results: देना बैंक का घाटा बढ़कर हुआ 575 करोड़, गोदरेज कंज्‍यूमर का मुनाफा तीन गुना बढ़ा- India TV Hindi
Q4 Results: देना बैंक का घाटा बढ़कर हुआ 575 करोड़, गोदरेज कंज्‍यूमर का मुनाफा तीन गुना बढ़ा

नई दिल्‍ली। सरकारी क्षेत्र के देना बैंक का घाटा 2017-18 की चौथी तिमाही में गैर निष्पादित आस्तियों में बहुत अधिक वृद्धि की वजह से बढ़कर 575.26 करोड़ रुपए हो गया। बैंक को उसके पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 326.38 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था।

बैंक ने वित्त वर्ष 2016-17 के लिए किसी लाभांश की सिफारिश नहीं की है। देना बैंक ने एक बयान में बताया कि उसके निदेशक मंडल ने सरकार को तरजीही आधार पर एक या अधिक शेयर जारी कर या एफपीओ या राइट इश्यू या पात्र संस्थागत नियोजन के माध्यम से 1800 करोड़ रुपए से अधिक पूंजी जुटाने को मंजूरी दी है।

बैंक की कुल आय 2016-17 की चौथी तिमाही में 2,612 करोड़ रुपए रही, जो सालभर पहले की इसी अवधि में 2,853 करोड़ रुपए थी। बैंक की सकल गैर निष्पादित आस्तियां 2016-17 की चौथी तिमाही में 16.27 फीसदी हो गई, जबकि सालभर पहले इसी अवधि में यह 9.98 फीसदी थी।

गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का शुद्ध लाभ तीन गुना बढ़ा  

साबुन, तेल जैसे रोजमर्रा के उपभोक्ता उत्पाद बनाने वाली कंपनी गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड का मार्च में समाप्त चौथी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 389.91 करोड़ रुपए रहा। इससे पिछले वित्त वर्ष 2015-16 की इसी जनवरी-मार्च तिमाही में यह 124.84 करोड़ रुपए था।

कंपनी ने एक बयान में बताया कि समीक्षावधि में उसकी शुद्ध बिक्री 12.51 प्रतिशत बढ़कर 2,480.17 करोड़ रुपए रही, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 2,204.36 करोड़ रुपए थी। कंपनी का कुल व्यय इस दौरान 1,975.67 करोड़ रुपए रहा है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के कुल व्यय 1,779.90 करोड़ रुपए से 10.99 प्रतिशत अधिक है। पूरे वित्त वर्ष 2016-17 के लिए कंपनी का शुद्ध लाभ 1,304.08 करोड़ रुपए रहा, जो इससे पिछले वित्त वर्ष 2015-16 में 827.61 करोड़ रुपए था।

सिंडिकेट बैंक को 104 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ

सार्वजनिक क्षेत्र के सिंडिकेट बैंक ने 2016-17 की चौथी तिमाही में गैर निष्पादित आस्तियां बढ़ने के बाद भी 104 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया। हालांकि, बैंक को वित्त वर्ष 2015-16 की चौथी तिमाही में 2,158 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था।

बैंक ने बताया कि उसकी कुल आय 2016-17 की चौथी तिमाही में 6,913 रही, जबकि 2015-16 की चौथी तिमाही में उसकी कुल आय 6,525 करोड़ रुपए थी। बैंक की सकल गैर निष्पादित आस्तियां 2016-17 की चौथी तिमाही में बढ़कर 8.50 फीसदी हो गई, जो 2015-16 की चौथी तिमाही में 6.70 फीसदी थीं। शुद्ध एनपीए भी सालभर पहले की जनवरी-मार्च तिमाही के 4.48 फीसदी से बढ़कर जनवरी-मार्च 2017 में 5.21 फीसदी हो गया।

सीएट का शुद्ध लाभ चौथी तिमाही में 32.5 फीसदी घटा 

टायर निर्माता सीएट ने 31 मार्च, 2017 को समाप्त हुई वर्ष 2016-17 की चौथी तिमाही में 32.5 फीसदी गिरावट के साथ 66.33 करोड़ रुपए का समेकित शुद्ध लाभ अर्जित किया। नोटबंदी का प्रभाव जारी रहने और कच्चे माल के दाम में वृद्धि से उसके लाभ प्रदर्शन पर असर पड़ा है।

कंपनी ने 2015-16 की इसी तिमाही में 98.28 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया था। कंपनी की उसके परिचालन से कुल आय वित्त वर्ष 2016-17 की चौथी तिमाही में 1,641.29 करोड़ रुपए रही, जो सालभर पहले की इसी तिमाही के 1,563.21 करोड़ रुपए से 4.99 फीसदी अधिक है। वित्त वर्ष 2016-17 की चौथी तिमाही में कंपनी की कच्चे माल की लागत 894.47 करोड़ रुपए रही, जो सालभर पहले की इसी तिमाही के 704.98 करोड़ रुपए से 26.87 फीसदी अधिक है।

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