1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. भारत में महंगाई, GDP ग्रोथ के लिए क्रूड की कीमतों में गिरावट है अच्छी : SBI रिपोर्ट

भारत में महंगाई, GDP ग्रोथ के लिए क्रूड की कीमतों में गिरावट है अच्छी : SBI रिपोर्ट

 Written By: Manish Mishra
 Published : May 11, 2017 04:18 pm IST,  Updated : May 11, 2017 04:18 pm IST

SBI रिसर्च की इकोरैप रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे तेल की कम कीमतें और अन्य सकारात्मक वृहद बुनियाद से देश की वृद्धि दर बढ़ सकती है।

भारत में महंगाई, GDP ग्रोथ के लिए क्रूड की कीमतों में गिरावट है अच्छी : SBI रिपोर्ट- India TV Hindi
भारत में महंगाई, GDP ग्रोथ के लिए क्रूड की कीमतों में गिरावट है अच्छी : SBI रिपोर्ट

नई दिल्ली। चालू साल के अगले छह महीने तक क्रूड ऑयल की औसत कीमत 45 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहेगी। SBI रिसर्च की इकोरैप रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे तेल की कम कीमतें और अन्य सकारात्मक वृहद बुनियाद से देश की वृद्धि दर बढ़ सकती है। SBI रिसर्च की इकोरैप रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे तेल की कीमतों में कमी का न केवल मुद्रास्फीति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, बल्कि यह GDP की ग्रोथ रेट के नजरिए से भी अच्छी रहेगी।

यह भी पढ़ें : नई कार खरीदने से पहले रखें इन पांच बातों का ख्‍याल, नहीं होगी पैसों के लिए टेंशन

रिपोर्ट में कहा गया है कि पूर्व के संकेतकों से पता चलता है कि क्रूड के दाम घटने से वैश्विक ग्रोथ में रफ्तार आती है। इसमें कहा गया है कि 2003-2006 के दौरान ब्रेंट कूड के दाम औसत 47 डॉलर प्रति बैरल रहे। इस दौरान औसत वैश्विक वृद्धि पांच प्रतिशत रही। वहीं भारत की औसत वृद्धि 8.6 प्रतिशत रही।

यह भी पढ़ें :Q1 में दुनिया का सबसे ज्‍यादा बिकने वाला स्‍मार्टफोन बना Apple iPhone 7, 3 महीने में बिके 2.15 करोड़ फोन

SBI रिसर्च की इकोरैप रिपोर्ट में कहा गया है कि चूंकि 2017 की अगली छमाही में कच्चे तेल के औसत दाम 45 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहेंगे, ऐसे में अन्य सकारात्मक संकेतकों मसलन मॉनसून के लिए अनुमान, चालू खाते के घाटे का निचला स्तर, निचली मुद्रास्फीति से जुड़ी मौद्रिक नीति और राजकोषीय अनुशासन से 2017 और 2018 में बेहतर वृद्धि आंकड़े हासिल किए जा सकते हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा