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FCI को पूरे देश में 4 महीने का अनाज भेजने का निर्देश, मॉनसून की वजह से फैसला

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Jun 14, 2020 03:10 pm IST,  Updated : Jun 14, 2020 03:10 pm IST

मॉनसून के दौरान परिवहन की दिक्कतों को देखते हुए लिया गया फैसला

Food Minister- India TV Hindi
Food Minister Image Source : PTI

नई दिल्ली। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को सरकारी योजनाओं के तहत अनाज की जरूरतों को पूरा करने के लिए चार महीने का अनाज देश के हर कोने में पहुंचाने का निर्देश दिया है। केंद्रीय मंत्री ने बरसात के मौसम में परिवहन को लेकर पैदा होने वाली कठिनाइयों के मद्देनजर एफसीआई को यह निर्देश दिया है।

पासवान ने ट्वीट के जरिए रविवार को कहा, "बरसात का मौसम शुरू हो रहा है। इसके मद्देनजर खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग और एफसीआई को निर्देश दिए हैं कि देश के हर कोने तक अगले चार महीने का पर्याप्त अनाज मिशन मोड में जल्द से जल्द पहुंचा दिया जाए, ताकि बरसात में परिवहन की दिक्कतों के कारण कहीं भी खाद्यान्न की कमी न हो।"

मानसून के आगमन के साथ देश के विभिन्न इलाकों में बारिश होने लगी है और बरसात के चार महीने के दौरान खासतौर से उन पर्वतीय इलाकों में अनाज पहुंचाना मुश्किल होता है जो रेल व सड़क मार्ग से जुड़े नहीं है।

एफसीआई इस क्रम में उत्तराखंड स्थित पिथौरागढ़ के पंगला गोदाम से हिमालय के दुर्गम इलाकों में अनाज पहुंचाने के लिए बकरियों का इस्तेमाल कर रही है।

पासवान ने एक ट्वीट के जरिए बताया, "एफसीआई देश के दुर्गम से दुर्गम पहाड़ी इलाकों तक हर हाल में अनाज पहुंचाने की कठिन जिम्मेदारी निभा रहा है। उत्तराखंड में पिथौरागढ़ के पंगला गोदाम से हिमालय के वैसे दुर्गम गांवों तक जहां घोड़े भी नहीं पहुंच सकते, वहां कद्दावर पहाड़ी बकरियां अनाज पहुंचा रही हैं।"

खाद्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम यानी एनएफएसए के तहत देश के करीब 81 करोड़ राशन कार्डधारकों को सस्ता अनाज मुहैया करवाने समेत अन्य योजनाओं के लिए हर महीने 55 लाख टन अनाज की जरूरत होती है। इसके अलावा, मौजूदा कोरोना संकट काल में केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना यानी पीएमजीकेएवाई के तहत राशन कार्डधारकों को अप्रैल, मई और जून के दौरान हर महीने पांच किलो अनाज और प्रत्येक परिवार को एक किलो दाल मुफ्त मुहैया करवाई जा रही है।

वहीं, विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूर जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उनको सरकार की ओर से मई और जून दो महीने के लिए पांच किलो अनाज और प्रत्येक परिवार को एक किलो चना मुफ्त दिया जा रहा है।

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