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सरकार को अपने राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पाने के लिए नहीं चाहिए RBI का धन: वित्त मंत्री अरुण जेटली

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Nov 24, 2018 10:53 pm IST,  Updated : Nov 24, 2018 10:53 pm IST

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने स्पष्ट किया है कि सरकार को अपने राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पाने के लिये रिजर्व बैंक अथवा किसी अन्य संस्था से कोई अतिरिक्त धन नहीं चाहिए।

Govt does not need extra funds from RBI to meet fiscal deficit target: Jaitley- India TV Hindi
Govt does not need extra funds from RBI to meet fiscal deficit target: Jaitley

नयी दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने स्पष्ट किया है कि सरकार को अपने राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पाने के लिये रिजर्व बैंक अथवा किसी अन्य संस्था से कोई अतिरिक्त धन नहीं चाहिए। हालांकि, जेटली ने कहा है कि रिजर्व बैंक के पूंजी ढांचे के लिये जो भी नई रूपरेखा बनेगी और उससे जो अतिरिक्त कोष प्राप्त होगा, उसका इस्तेमाल भविष्य की सरकारें आने वाले सालों में गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों में कर सकतीं हैं। 

वित्त मंत्री ने एक निजी टीवी चैनल के साथ एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘हमें अपने राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पाने के लिये अन्य संस्थाओं से किसी तरह के अतिरिक्त धन की आवश्यकता नहीं है। मैं इसे स्पष्ट करना चाहता हूं कि सरकार की इस तरह की कोई मंशा नहीं है। हम यह भी नहीं कह रहे हैं कि अगले छह माह में हमें कुछ धन दीजिये। मुझे इसकी जरूरत नहीं है।’’

चालू वित्त वर्ष के बजट में भारत के राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 3.3 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य रखा गया है। रिजर्व बैंक के कोष पर सरकार की नजर होने की बात को लेकर हो रही आलोचना पर जेटली ने कहा कि पूरी दुनिया में केन्द्रीय बैंक के पूंजी ढांचे की एक रूपरेखा तय होती है। इसमें केन्द्रीय बैंक द्वारा रखी जाने वाली आरक्षित राशि तय करने का प्रावधान किया जाता है। जेटली ने कहा, ‘‘हम केवल यही कह रहे हैं कि इस बारे में कुछ चर्चा होनी चाहिये, कुछ नियम होने चाहिये जिसके तहत रिजर्व बैंक के लिये पूंजी ढांचे की रूपरेखा तय हो।’’

उन्होंने कहा कि ऐसे में जो अधिशेष राशि होगी उसका इस्तेमाल भविष्य की सरकारें अगले कई वर्षों तक गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों के लिये कर सकती हैं। रिजर्व बैंक के केन्द्रीय बोर्ड ने इस माह हुई अपनी बैठक में रिजर्व बैंक के आर्थिक पूंजी ढांचे की रूपरेखा (ईसीएफ) तय करने के लिये एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति बिठाने का फैसला किया है। यह समिति केन्द्रीय बैंक के पास रहने वाली आरक्षित पूंजी का उचित स्तर के बारे में सुझाव देगी। समझा जाता है कि रिजर्व बैंक के पास इस समय 9.59 लाख करोड़ रुपये का भारी भरकम कोष रखा है।

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