नई दिल्ली। सरकार देश में माल की निर्बाध आवाजाही को बढ़ावा देने के लिए आगामी बजट में नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी की घोषणा कर सकती है। सूत्रों ने यह जानकारी दी है। सूत्रों ने बताया कि वाणिज्य मंत्रालय के अधीन आने वाले लॉजिस्टिक विभाग द्वारा इस नई नीति को तैयार किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आम बजट 1 फरवरी को पेश करेंगी।
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इस नई नीति का लक्ष्य कारोबारियों के लिए उच्च लेनदेन लागत को कम करना भी है। इसमें एक केंद्रीय पोर्टल की स्थापना का भी प्रस्ताव किया जा सकता है, जो कंपनियों को एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक समाधान प्रदान करेगा। सभी प्रतिभागियों को आपस में लिंक करने के लिए इस पोर्टल में एक सिंगल विंडो मार्केटप्लेस भी होगा।
प्रस्तावित नीति में वेयरहाउसिंग क्षमता बढ़ाने और उन कमियों को पहचानने पर भी ध्यान दिया जाएगा, जो कारोबारियों के लिए लॉजिस्टिक लागत को कम करने में मददगार हो सकती हैं। इसके अलावा, इसमें आयातकों और निर्यातकों के लिए एक वन-स्टॉप मार्केटप्लेस के रूप में एक नेशनल लॉजिस्टिक ई-मार्केटप्लेस की स्थापना का भी प्रस्ताव है।
उच्च लॉजिस्टिक लागत से घरेलू उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा पर असर पड़ता है। सूत्रों ने कहा कि नीति के प्रभावी कार्यान्वयन से व्यापार को गति देने, निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और लॉजिस्टिक परफॉर्मेंस इंडेक्स में भारत की रैंकिंग में सुधार लाने में मदद मिलेगी।