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  5. कोरोना वायरस से लड़ाई में NRI भी आए भारत के साथ, राहत कार्य के लिए जुटाए छह लाख डॉलर

COVID-19 Relief: भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने कोविड-19 राहत कार्य के लिए छह लाख डॉलर जुटाए

शीर्ष भारतीय-अमेरिकी कारोबारियों और नेताओं के एक हाई-प्रोफाइल समूह ‘इंडियास्पोरा’ ने अमेरिका और भारत में कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित गरीब लोगों को राहत प्रदान करने के लिए 6,00,000 डॉलर जुटाए हैं। 

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Published on: April 10, 2020 10:30 IST
High-profile Indian diaspora group raises USD 600K for COVID-19 relief- India TV Paisa

High-profile Indian diaspora group raises USD 600K for COVID-19 relief

वाशिंगटन। शीर्ष भारतीय-अमेरिकी कारोबारियों और नेताओं के एक हाई-प्रोफाइल समूह ‘इंडियास्पोरा’ ने अमेरिका और भारत में कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित गरीब लोगों को राहत प्रदान करने के लिए 6,00,000 डॉलर जुटाए हैं। कोविड-19 के लिए शुरू की गई मुहिम ‘चलोगिव’ के जरिये इंडियास्पोरा ने अपने नेटवर्क से 5,00,000 अमरीकी डॉलर जुटाए हैं। इंडियास्पोरा ने शुक्रवार से शुरू हुये अपने इस ऑनलाइन अभियान के लिए 1,00,000 डॉलर का दान मिलने की घोषणा की। 

पेप्सिको की पूर्व सीईओ इंद्रा नूयी ने कहा, 'इस महामारी ने पहले से मौजूद भूख के संकट को सामने ला दिया है।' उन्होंने कहा, 'हमें एक साथ होकर एक समाज के रूप में इस समय आगे आना चाहिए और लोगों, परिवारों और समुदायों के लिए इस समस्या का समाधान करना चाहिए। इससे न केवल अभी, बल्कि भविष्य में भी लाभ होगा।' एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि इंडियास्पोरा द्वारा इकट्ठा किये गये धन का इस्तेमाल अमेरिका में ‘फीडिंग अमेरिका’ और भारत में ‘गूंज’ के द्वारा जमीनी स्तर पर गरीबों को राहत प्रदान करने के लिए किया जाएगा। ये दोनों गैर-लाभकारी संगठन हैं। 

विज्ञप्ति में कहा गया कि इस वक्त अमेरिका और भारत दोनों के सामने मौजूद सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है: भूख की समस्या। सिलिकॉन वैली के एक बहुत बड़े उद्यमी एवं पूंजीपति और 'इंडियास्पोरा फाउंडर्स सर्किल' के सदस्य आनंद राजारमन ने कहा, 'कोविड-19 के कारण हमें एक अभूतपूर्व स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।' उन्होंने अपनी पत्नी कौशी आदिसेशन के साथ मिलकर इस अभियान के लिए बड़ी राशि दान दी है। राजारामन ने कहा, 'दुनिया भर में, विशेष रूप से भारत और अमेरिका में इस महामारी को नियंत्रित करने के लिए किए गए आवश्यक कठोर उपायों ने समाज के कमजोर वर्गों के लिए विशेष चुनौतियां पैदा की हैं। इस संकट की घड़ी में प्रवासी भारतीयों के लिए जल्दी और निर्णायक मदद करने का समय है।' 

इंफोसिस के पूर्व संस्थापक नंदन नीलेकणी और उनकी पत्नी रोहिणी नीलेकणी तथा बॉलीवुड अभिनेत्री नंदिता दास ने भी अभियान को अपना समर्थन दिया। गूंज के संस्थापक और मैग्सायसाय पुरस्कार विजेता अंशु गुप्ता ने कहा कि आपदाओं में काम करने के हमारे व्यापक अनुभव के बावजूद, लघु, मध्यम दीर्घकालिक काम के लिए बड़े पैमाने पर संसाधन जुटाने की जरुरत है। उन्होंने कहा, 'भारतीय-अमेरिकी समुदाय और दुनिया भर से हमारे शुभचिंतकों को इस मुश्किल घड़ी में अपने नागरिकों की सहायता करने का अवसर प्रदान करने वाले इस अभियान में इंडियास्पोरा के साथ मिलकर काम करना हमारे लिए खुशी की बात है।' फीडिंग अमेरिका के सीईओ क्लेयर बेबिनॉक्स-फोंटेनोट ने कहा, 'कोविड-19 के लिए चलोगिव अभियान के माध्यम से फीडिंग अमेरिका की मदद करने के लिए हम इंडियास्पोरा के आभारी हैं।'

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