1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. कोविड 19 से मार्च 2022 तक बढ़ सकता है कंपनियों पर कर्ज का दबाव: रिपोर्ट

कोविड 19 से मार्च 2022 तक बढ़ सकता है कंपनियों पर कर्ज का दबाव: रिपोर्ट

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Jul 06, 2020 07:00 pm IST,  Updated : Jul 06, 2020 07:00 pm IST

2022 तक 1.67 लाख करोड़ रुपये के कर्ज को चुकाने में आ सकती हैं दिक्कतें

Corona crisis- India TV Hindi
Corona crisis Image Source : PTI

नई दिल्ली। कोविड- 19 महामारी के आर्थिक प्रभाव के चलते शीर्ष- 500 कंपनियों द्वारा लिये गये कर्ज में से 1.67 लाख करोड़ रुपये का कर्ज मार्च 2022 तक बैंकों की चिंता बढ़ा सकता है। कंपनियां समय पर इस कर्ज को चुकाने से पीछे रह सकती हैं और यह दबाव वाले कर्ज की श्रेणी में आ सकता है। सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह आशंका जाहिर की गई है। इंडिया रेटिंग्स एण्ड रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस राशि को मिलाकर ऐसे फंसे कर्ज की कुल राशि 4.21 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है जो कि कुल कर्ज का 11 प्रतिशत होगी।

इस साल की शुरुआत में जब कोरोना वायरस फैलना शुरू हुआ उस समय भी बैंकों के कर्ज की स्थिति उसकी गुणवत्ता को लेकर चिंता व्यक्त की जाती रही थी। रिजर्व बैंक ने कोविड- 19 के अर्थव्यवस्था पर पड़े प्रभाव को देखते हुये विभिन्न कर्जों के भुगतान पर अगस्त 2020 तक के लिये छूट दे दी जो कि आगे दबाव को और बढ़ायेगा। सरकार ने महामारी के आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिये 21 लाख करोड़ रुपये का प्रोत्साहन पैकेज भी घोषित किया है।

रेटिंग एजेंसी का मानना है कि महामारी और इसके साथ ही अन्य नीतिगत कदमों से शीर्ष 500 कंपनियों द्वारा लिये गये कर्ज में से 1.67 लाख करोड़ रुपये का कर्ज बैंकों के लिये अतिरिक्त दबाव वाला साबित हो सकता है। एजेंसी ने कहा है कि महामारी की शुरुआत के समय उसने मार्च 2022 तक 2.54 लाख करोड रुपये के कर्ज के फंसे कर्ज में परिवर्तित होने का अनुमान लगाया था। अब 1.67 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त कर्ज के इसमें परिवर्तित होने से यह आंकड़ा कुल 4.21 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यह समूचे कंपनी क्षेत्र के कुल कर्ज का 18.21 प्रतिशत तक होगा। यह आंकड़ा वर्तमान में दबाव वाला माने जाने वाले 11.57 प्रतिशत के आंकड़े से ऊंचा है। एजेंसी ने चेतावनी देते हुये कहा है कि आने वाले समय में पुनर्वित का दबाव बढ़ सकता है और कंपनियों के लिये समय पर वित्तीय संसाधन जुटाना लगातार चुनौतीपूर्ण बना रह सकता है।   

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा