नई दिल्ली। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 15 मई को समाप्त सप्ताह में 1.73 अरब डॉलर बढ़कर 487.04 अरब डॉलर हो गया। यह देश के 12 महीने के आयात के बराबर है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी आंकड़ों मुताबिक एक अप्रैल से 15 मई के बीच देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 9.2 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। आठ मई को समाप्त सप्ताह पर यह 485.31 अरब डॉलर था। छह मार्च को समाप्त हफ्ते में यह अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 487.23 अरब डॉलर पर था।
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समीक्षावधि में हुई बढ़ोत्तरी की मुख्य वजह विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (एफसीए) में वृद्धि होना है। कुल विदेशी मुद्रा भंडार में एफसीए का प्रमुख हिस्सा होता है। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान एफसीए 1.12 अरब डॉलर बढ़कर 448.67 अरब डॉलर हो गया। एफसीए में अमेरिकी डॉलर के अलावा यूरो, पौंड और येन जैसी मुद्राएं भी शामिल हैं। इस दौरान देश का स्वर्ण भंडार 61.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 32.91 अरब डॉलर हो गया।
समीक्षावधि में देश को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से मिला विशेष आहरण अधिकार 20 लाख डॉलर बढ़कर 1.42 अरब डॉलर हो गया। आईएमएफ के पास देश के भंडार की स्थिति 1.3 करोड़ डॉलर घटकर 4.04 अरब डॉलर रह गया।