न्यूयॉर्क। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि जल्द ही उनका देश भारत के साथ एक व्यापार समझौते पर पहुंच जाएगा। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूती मिलेगी।
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ट्रंप ने यहां संवाददाताओं से कहा कि हम इस पर अच्छा कर रहे हैं। मुझे लगता है कि जल्द ही हम व्यापार समझौता कर लेंगे। संवाददाताओं ने उनसे पूछा था कि क्या भारत-अमेरिका वार्ता में किसी व्यापार समझौते की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र से इतर ट्रंप से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई। दोनों देश व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं और कई जटिल मुद्दों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
अमेरिका अपने उत्पादों पर शुल्क कम करने और व्यापार घाटे को लेकर भारत पर दबाव बना रहा है। संवाददाताओं से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जहां तक व्यापार की बात है, हस्टन में जो समझौता हुआ उससे में खुश हूं। मेरी उपस्थिति में भारतीय कंपनी पेट्रोनेट ने 2.5 अरब डॉलर के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए। ऊर्जा क्षेत्र में भारतीय कंपनी इस राशि का निवेश करने जा रही है और इसका मतलब है कि आगे आने वाले वर्षों में 60 अरब डॉलर का व्यापार होगा और 50,000 रोजगार पैदा होंगे।
भारत की मांग है कि अमेरिका कुछ स्टील और एल्युमिनिमय उत्पादों पर लगाए गए उच्च शुल्क को वापस ले और जीएसपी के तहत कुछ घरेलू उत्पादों को निर्यात लाभ वापस दे। इसके अलावा भारत चाहता है कि उसके कृषि, ऑटोमोबाइल, ऑटो उपकरण और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों के उत्पादों के लिए अधिक बाजार प्रदान करे।
2018-19 में भारत ने अमेरिका को 52.4 अरब डॉलर मूल्य का निर्यात किया, जबकि उसने 35.5 अरब डॉलर मूल्य का आयात किया। अमेरिका का व्यापार घाटर 2017-18 के 21.3 अरब डॉलर से घटकर 2018-19 मे 16.9 अरब डॉलर रहा। 2018-19 में भारत ने अमेरिका से 3.13 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हासिल किया, जो 2017-18 में 2 अरब डॉलर था।