नयी दिल्ली। देश में वेतनभोगियों की 2020 में सालाना औसत वेतन वृद्धि 9.2 प्रतिशत होने की उम्मीद है। यह एशिया में सबसे अधिक होगी। लेकिन महंगाई की वजह से वास्तविक वेतन वृद्धि मात्र पांच प्रतिशत ही रहने का अनुमान है। 'कॉर्न फेरी ग्लोबल सैलरी फोरकास्ट' की सोमवार को जारी रिपोर्ट में यह बात सामने आयी है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 में भारत में औसतन वेतन वृद्धि 9.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद है जो पिछले साल की 10 प्रतिशत से कम है। वहीं मुद्रास्फीति का संयोजन करने के बाद 2020 में वास्तविक वेतन वृद्धि मात्र पांच प्रतिशत होने का अनुमान है। रपट में कहा गया है कि देश का वेतन वृद्धि अनुमान एशिया में सबसे अधिक है।
कॉर्न फैरी इंडिया के चेयरमैन एवं क्षेत्रीय प्रबंध निदेशक नवनीत सिंह ने कहा, 'दुनिया भर में लोगों की वेतन वृद्धि प्रभावित हो रही है, इसके बावजूद भारत में इसकी वृद्धि दर काफी मजबूत है। मौजूदा आर्थिक हालात और सरकार के प्रगतिशील सुधारों के साथ देशभर में सभी क्षेत्रों में सावधान लेकिन आशा की भावना है और इस वजह से वेतन में ऊंची वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है।'
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 में वैश्विक औसत वेतन वृद्धि 4.9 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। वैश्विक मुद्रास्फीति दर 2.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है जिसके चलते वास्तविक वैश्विक औसत वेतन वृद्धि 2.1 प्रतिशत रह सकती है। एशिया में औसत वेतन वृद्धि 5.3 प्रतिशत, मुद्रास्फीति 2.2 प्रतिशत और वास्तविक औसत वेतन वृद्धि 3.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है।