वाशिंगटन। वर्ल्ड बैंक ने भारत की ग्रोथ दर के अनुमान को बढ़ाते हुए 2016 में इसके 7.5 फीसदी और 2017 में 7.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। वर्ल्ड बैंक ने अपनी ताजा रिपोर्ट साउथ एशिया इकोनॉमिक फोकस में कहा कि दक्षिण एशिया में मजबूत स्थिति के साथ भारत क्षेत्र में गति निर्धारित की है। रिपोर्ट के अनुसार मजबूत निजी निवेश, बुनियादी ढांचा खर्च में वृद्धि, निवेश माहौल में सुधार तथा कॉरपोरेट और वित्तीय बैलेंस शीट में सुधार हुआ है।
चीन की विकास दर 2016 में 6.7 फीसदी रहने का अनुमान
वर्ल्ड बैंक के मुताबिक 2016 में चीन की विकास दर 6.7 फीसदी रह सकती है। बैंक ने जनवरी में भी देश के लिए इसी दर का अनुमान जाहिर किया था। 2017 के लिए चीन की विकास दर का अनुमान बैंक ने 6.5 फीसदी रखा है। बैंक द्वारा साल में दो बार जारी की जाने वाली पूर्वी एशिया और प्रशांत आर्थिक अपडेट रिपोर्ट में कहा गया है, “वित्तीय बाजार में कुछ उतार-चढ़ाव के बावजूद चीन का अपेक्षाकृत धीमी विकास दर वाली, लेकिन टिकाऊ दर में बदलाव जारी है।”
चीन में रियल एस्टेट और विनिर्माण क्षेत्र में सुस्ती
रिपोर्ट के मुताबिक खासतौर से रियल एस्टेट और विनिर्माण क्षेत्र में ग्रोथ धीमी पड़ती जा रही है। कई उद्योगों के लिए जरूरी से अधिक क्षमता सुस्ती का कारण रही है, जबकि सेवा क्षेत्र में तेज विकास दर्ज किया जा रहा है। सुस्त विकास दर के बावजूद शहरों में रोजगार सृजन 2015 के सालाना लक्ष्य से अधिक हुआ और पारिवारिक खर्च योग्य आय में जीडीपी के मुकाबले अधिक वृद्धि दर्ज की गई। बैंक के पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्र के मुख्य अर्थशास्त्री सुधीर शेट्टी ने एक वीडियो कॉफ्रेंस में कहा, “रोजगार पैदा करने में चीन की अर्थव्यवस्था की क्षमता बेहतरीन रही।” बैंक ने हालांकि कर्ज में हो रही वृद्धि पर चेतावनी दी। बैंक के मुताबिक पूर्वी एशिया की विकास दर 2016 में घटकर 6.3 फीसदी और 2017-18 में 6.2 फीसदी रह सकती है, जो 2015 में 6.5 फीसदी थी।