ACME Solar ने 1 अप्रैल से शुरू हो रहे वित्त वर्ष 2025-26 में हाइब्रिड और 24 घंटे रीन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी पर फोकस करते हुए कैपेक्स (कैपिटल एक्सपेंडिचर) पर 17,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है। एसीएमई सोलर ने रविवार को एक बयान में कहा कि कंपनी परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में उतरने की संभावनाएं भी तलाश कर रही है। हालांकि, ये योजनाएं अभी ‘ड्राइंग बोर्ड’ स्तर पर हैं। बयान के अनुसार, एसीएमई सोलर होल्डिंग्स ने 2027 तक रीन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी को 5 गीगावाट तक पहुंचाने के लिए 17,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बनाई है।
अपनी क्षमताओं को साल 2028 तक 3 गुना करना चाहती है कंपनी
एक व्यापक रणनीति के रूप में एसीएमई सोलर का लक्ष्य साल 2028 तक अपनी मौजूदा रीन्यूएबल कैपेसिटी को 3 गुना कर 7 गीगावाट तक पहुंचाना है। एसीएमई सोलर के सीईओ निखिल ढींगरा ने कहा, “हम अपनी नई क्षमताओं को राजस्व और मार्जिन बढ़ाने वाली हाइब्रिड और एफडीआरई (फर्म और डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी) प्रोजेक्ट्स पर फोकस करने का इरादा रखते हैं, जो हमारी व्यावसायिक रणनीति में एक महत्वपूर्ण धुरी है।”
ग्रीन एनर्जी की सप्लाई सुनिश्चित करते हैं एफडीआरई प्रोजेक्ट्स
एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के साथ इंटीग्रेटेड रीन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को एफडीआरई प्रोजेक्ट्स कहा जाता है। ऐसे प्रोजेक्ट्स हर समय ग्रीन एनर्जी की सप्लाई सुनिश्चित करते हैं और परिवर्तनशील नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन से संबंधित चुनौतियों का समाधान करती हैं।
दिसंबर 2024 तक 6,970 मेगावाट था एसीएमई सोलर का पोर्टफोलियो
कंपनी के सीईओ निखिल ढींगरा ने कहा कि एसीएमई सोलर इस साल अप्रैल से शुरू होकर दो अलग-अलग चरणों में अपनी क्षमता का विस्तार शुरू करने की योजना बना रही है। चालू वित्त वर्ष (2024-25) की 9 महीने (दिसंबर 2024 तक) की अवधि तक एसीएमई सोलर का पोर्टफोलियो 6,970 मेगावाट था। इसमें 2,540 मेगावाट पहले से ही चालू था और 4,430 मेगावाट अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स थे, जिसमें 49 प्रतिशत हाइब्रिड और एफडीआरई प्रोजेक्ट्स पर केंद्रित है।



































