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AIR INDIA के सीईओ कैम्पबेल विल्सन ने दिया इस्तीफा, जुलाई 2027 तक था कार्यकाल

 Published : Apr 07, 2026 08:28 am IST,  Updated : Apr 07, 2026 09:07 am IST

कैम्पबेल विल्सन ने अपने पद से ऐसे समय में इस्तीफा दिया है, जब एयरलाइन के सामने ढेरों चुनौतियां हैं। विल्सन साल 2022 से एयर इंडिया समूह से जुड़े थे।

एयर इंडिया के सीईओ कैम्पबेल विल्सन।- India TV Hindi
एयर इंडिया के सीईओ कैम्पबेल विल्सन। Image Source : ऑफिशियल वेबसाइट

टाटा समूह की अगुवाई वाली एयर इंडिया के सीईओ कैम्पबेल विल्सन ने इस्तीफा दे दिया है। खबर के मुताबिक, यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब एयर इंडिया लगातार वित्तीय नुकसान झेल रही है और पिछले साल जून में हुए घातक विमान हादसे के बाद सुरक्षा संबंधी कड़ी नियामकीय जांच का सामना कर रही है। उस हादसे में कुल 260 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें विमान में सवार 241 यात्री और क्रू सदस्य तथा जमीन पर 19 अन्य लोग शामिल थे। लाइवमिंट की खबर के मुताबिक, विल्सन के इस्तीफे के बाद बोर्ड नए सीईओ की तलाश तेज करेगा, जो एयरलाइन के पुनरुद्धार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह इस्तीफा एयर इंडिया के लिए एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन का संकेत देता है

कैम्पबेल विल्सन का बैकग्राउंड

न्यूजीलैंड में जन्मे कैम्पबेल विल्सन को साल 2022 में सिंगापुर एयरलाइंस से एयर इंडिया लाया गया था। तब टाटा ग्रुप ने सरकारी स्वामित्व वाली इस एयरलाइन को वापस लेने के बाद उसके पुनर्गठन (टर्नअराउंड) की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी थी। उनका कार्यकाल जुलाई 2027 तक था, लेकिन उन्होंने इससे पहले ही इस्तीफा देने का फैसला कर लिया। खबर के मुताबिक, बताया जा रहा है कि एयर इंडिया का बोर्ड नए सीईओ की तलाश शुरू कर चुका था। सूत्र के अनुसार, कैम्पबेल फिलहाल छह महीने का नोटिस पीरियड पूरा कर रहे हैं और नए सीईओ की नियुक्ति तक कंपनी के साथ जुड़े रहेंगे।

पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट के टेकऑफ के तुरंत बाद हुए भीषण हादसे के बाद से कैम्पबेल विल्सन लगातार आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। इस दुर्घटना में बोइंग 787-8 विमान शामिल था, जिसमें सवार 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई थी।

एयरलाइन के सामने कई चुनौतियां

एयर इंडिया फिलहाल कई चुनौतियों का सामना कर रही है, जिनमें विमान डिलीवरी में देरी भी शामिल है। इसके अलावा, सुरक्षा मानकों में लापरवाही को लेकर नियामक संस्थाओं ने एयरलाइन को फटकार भी लगाई है। आरोप है कि एयर इंडिया ने एक विमान को आठ बार बिना एयरवर्दीनेस सर्टिफिकेट के उड़ाया और आपातकालीन उपकरणों की जांच किए बिना भी उड़ानें संचालित कीं। एयरलाइन के सामने लगातार घाटा और धीमी गति से हो रहा टर्नअराउंड भी बड़ी चुनौती है।

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