अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद उम्मीद थी कि कच्चे तेल की कीमतों में राहत मिलेगी, लेकिन हकीकत इसके उलट दिख रही है। गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली। निवेशकों को डर है कि मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाएगी।
गुरुवार को ब्रेंट क्रूड और WTI दोनों के दाम में करीब 3% तक की बढ़त दर्ज की गई। एक दिन पहले ही कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आई थीं, लेकिन अब फिर से तेजी ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर हुआ है, लेकिन निवेशकों को इसकी स्थिरता पर भरोसा नहीं है। इजराइल और लेबनान के बीच जारी हमलों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना सबसे बड़ा फैक्टर
दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी पूरी तरह से सुरक्षित नहीं माना जा रहा है। यह मार्ग दुनिया की लगभग 20% तेल सप्लाई को जोड़ता है। अगर यहां से सप्लाई बाधित होती है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है।
सप्लाई बढ़ने पर संशय
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले कुछ हफ्तों में तेल की सप्लाई तेजी से बढ़ना मुश्किल है। शिपिंग कंपनियां अभी भी सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं और पूरी तरह से आवाजाही शुरू नहीं कर रही हैं। इसके अलावा, बढ़े हुए बीमा प्रीमियम और ऑपरेशन से जुड़ी दिक्कतें भी सप्लाई को सीमित कर रही हैं।
ऊर्जा ढांचे पर हमले बढ़ा रहे चिंता
मिडिल ईस्ट के कई देशों में तेल से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले जारी हैं। सऊदी अरब, कुवैत और यूएई जैसे देशों में पाइपलाइन और अन्य सुविधाओं पर हमलों की खबरों ने बाजार में डर और बढ़ा दिया है। इससे यह साफ है कि क्षेत्र में अभी खतरा टला नहीं है।
निवेशकों की रणनीति में बदलाव
मौजूदा हालात में निवेशक काफी सतर्क हो गए हैं। एक तरफ वे कीमतों में तेजी से फायदा उठाना चाहते हैं, वहीं दूसरी तरफ अनिश्चितता के कारण जोखिम से बचने की कोशिश भी कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक मिडिल ईस्ट में स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं होती और होर्मुज जलडमरूमध्य से सप्लाई सुचारू नहीं होती, तब तक तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।