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विदेशी मुद्रा भंडार लागतार दूसरे हफ्ते घटा, अब घटकर इतने अरब डॉलर पर आया

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Nov 29, 2024 06:20 pm IST,  Updated : Nov 29, 2024 06:20 pm IST

रिजर्व बैंक के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 22 नवंबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियां 3.04 अरब डॉलर घटकर 566.79 अरब डॉलर रही।

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विदेशी मुद्रा भंडार Image Source : FILE

देश के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार दूसरे हफ्ते कमी दर्ज की गई है। आरबीआई की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, देश का विदेशी मुद्रा भंडार 22 नवंबर को समाप्त सप्ताह में 1.31 अरब डॉलर घटकर 656.58 अरब डॉलर रहा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इससे पहले, 15 नवंबर को समाप्त सप्ताह में, देश का विदेशी मुद्रा भंडार 17.76 अरब डॉलर की रिकॉर्ड गिरावट के साथ 657.89 अरब डॉलर रहा था। सितंबर के अंत में विदेशी मुद्रा भंडार 704.88 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया था। उसके बाद से इसमें पिछले कई हफ्ते से गिरावट आ रही है। 

स्वर्ण भंडार में हुई बढ़ोतरी 

रिजर्व बैंक के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 22 नवंबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियां 3.04 अरब डॉलर घटकर 566.79 अरब डॉलर रही। डॉलर के संदर्भ में उल्लेखित विदेशी मुद्रा आस्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की घट-बढ़ का प्रभाव शामिल होता है। समीक्षाधीन सप्ताह में स्वर्ण भंडार का मूल्य 1.83 अरब डॉलर बढ़कर 67.57 अरब डॉलर हो गया। विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 7.9 करोड़ डॉलर घटकर 17.98 अरब डॉलर रहा। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, आलोच्य सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के पास भारत का आरक्षित भंडार 1.5 करोड़ डॉलर घटकर 4.23 अरब डॉलर रहा। 

राजकोषीय घाटा 46.5 प्रतिशत तक पहुंचा 

केंद्र का राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2024-25 के पहले सात महीनों में पूरे साल के लक्ष्य के 46.5 प्रतिशत तक पहुंच गया। सरकारी आंकड़ों में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई। लेखा महानियंत्रक (सीजीए) के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-अक्टूबर की अवधि के दौरान राजकोषीय घाटा 7,50,824 करोड़ रुपये था। सरकार के व्यय और राजस्व के बीच के अंतर को राजकोषीय घाटा कहते हैं। वित्त वर्ष 2023-24 की समान अवधि में घाटा बजट अनुमान का 45 प्रतिशत था। सरकार ने आम बजट में चालू वित्त वर्ष 2024-25 में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.9 प्रतिशत तक लाने का अनुमान लगाया है। इस तरह, सरकार का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के दौरान राजकोषीय घाटे को 16,13,312 करोड़ रुपये पर सीमित रखना है। 

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