Yes bank के शेयरहोल्डर्स के लिए बरे दिनों बाद अच्छी खबर है। जापान की एक बड़ी कंपनी यस बैंक में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने की योजना बना रही है। इस खबर को लेकर अटकलों का बाजार पिछले कुछ दिनों से गर्म था। अब बैंक ने माना है कि हिस्सेदारी बेचने को लेकर SMBC से उसकी चर्चा चल रही है। हालांकि, अभी बातचीत शुरुआती दौर में है। साथ ही बैंक ने कहा कि वह नियमित रूप से अपने शेयरधारक मूल्य बढ़ाने के अवसरों की खोज करता है। यस बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि अभी चर्चाएं प्रारंभिक हैं। मिली जानकारी के अनुसार, एसएमबीसी, यस बैंक में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद सकता है।
एसबीआई के पास सबसे अधिक शेयर
यस बैंक में SBI के पास अभी सबसे अधिक 24% हिस्सेदारी है। SBI एक नए निवेशक की तलाश में है। SMBC के साथ डील होने पर एक ओपन ऑफर को जन्म दे सकती है। ओपन ऑफर में SMBC को यस बैंक की 26% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने का मौका मिलेगा। इस तरह एसएमबीसी के पास 51 प्रतिशत हिस्सेदारी आ सकती है। यानी बैंक का मालिकाना हक एसएमबीसी के पास होगा। हालांकि, इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी जरूरी होगी। मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में जापानी कंपनी के बड़े अधिकारियों ने मुंबई में SBI और यस बैंक के अन्य शेयरधारकों से मुलाकात की। इस मीटिंग में हिस्सेदारी खरीदने की शर्तों पर बात हुई।
ये हैं बैंक में बड़े निवेशक
एसबीआई, जिसके पास यस बैंक में 24% हिस्सेदारी है। वहीं, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम जैसे घरेलू बैंक और वित्तीय संस्थान मिलकर यस बैंक के 11.34% के मालिक हैं। मार्च तक निजी इक्विटी फंड एडवेंट इंटरनेशनल और कार्लाइल के पास क्रमशः 9.20% और 6.84% हिस्सेदारी थी। यस बैंक की कुल जमा राशि वित्त वर्ष 25 में बढ़कर 2.85 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो मार्च 2020 से 2.7 गुना अधिक है। एनपीए वित्त वर्ष 20 में क्रमशः 16.8% और 5% से घटकर वित्त वर्ष 25 में 1.6% और शुद्ध एनपीए 0.3% रह गई हैं। बैंक ने पूरे वर्ष के लिए, इसने 2,406 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 93% अधिक है?। वित्त वर्ष 20 में 16,418 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।