भारतीय रेल में अलग-अलग चरणों में कई अहम और बड़े सुधार (Reform) किए जा रहे हैं। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को रेलवे में किए जा रहे इन सुधारों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दीं। आज उन्होंने रेलवे में किए गए 8 नए सुधारों की जानकारी दी। इसके साथ ही, भारतीय रेल में अब तक कुल 17 अहम और बड़े सुधार किए जा चुके हैं। बताते चलें कि रेल मंत्रालय ने इस साल कुल 52 सुधारों का लक्ष्य रखा है।
फ्लाई ऐश ट्रांसपोर्टेशन
रेलवे ने रिफॉर्म नंबर- 10 के तहत पावर प्लांट्स से उत्पन्न होने वाले फ्लाई ऐश के ट्रांसपोर्टेशन को सुरक्षित बनाया गया है। अब इसे खुले हुए वैगन में ट्रांसपोर्ट करने के बजाय कंटेनरों में ट्रांसपोर्ट किया जाएगा।
कंटेनर सेक्टर
11वें रिफॉर्म के तहत सामानों के सुरक्षित ट्रांपोर्टेशन के लिए कंटेनरों के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल के लिए बदलाव किया गया है। कंटेनर ट्रांसपोर्टेशन का 4 कैटेगरी में इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए लाइसेंस वयवस्था को बहुत आसान बना दिया गया है। अब यूनिफाइड लाइसेंस सिस्टम शुरू किया गया है, ताकि बड़ी संख्या में लोग कंटेनर बिजनेस में आएं।
फर्टिलाइजर ट्रांसपोटेशन
12वें रिफॉर्म में किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए ट्रेनों से होने वाले फर्टिलाइजर के ट्रांसपोटेशन में सुधार किया गया है। रेलवे अब फर्टिलाइजर ट्रांसपोटेशन में बदलाव करके नया सिस्टम लेकर आया है, जिससे मूवमेंट को तेज किया जा सके। इस सुधार के तहत अब फर्टिलाइजर के ट्रांसपोर्टेशन को अब कंटेनर में शिफ्ट किया गया है।
स्किल सर्टिफिकेशन फ्रेमवर्क
रेलवे ने रिफॉर्म नंबर- 13 में इंफ्रा सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए स्किल का सर्टिफिकेशन और स्किल का टेस्ट, दोनों जरूरी कर दिया है। अब सिर्फ कुशल लोगों को ही रेल इंफ्रा के लिए काम दिया जाएगा।
कंस्ट्रक्शन रिफॉर्म
14वें रिफॉर्म के तहत, भारतीय रेल कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी के लिए कॉन्ट्रैक्टर के कामों की जांच होगी। कॉन्ट्रैक्टरों से परफॉरमेंस सिक्यॉरिटी के रूप में 10 फीसदी राशि ली जाएगी। स्ट्रांग एलिजिबिलिटी के लिए पेंडिंग लिटिगेशन नेटवर्थ के 50 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। ऑल रिस्क इंश्योरेंस पॉलिसी सिस्टम लागू होगा। रेल भूमि पोर्टल लॉन्च किया जाएगा।
वैगन डिजाइन
रेलवे ने रिफॉर्म नंबर 15 में अब अलग-अलग इंडस्ट्री भी आसान इस्तेमाल के लिए वैगन को डिजाइन कर सकेगी। इन वैगनों को RDSO चेक करेगा।
पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स ट्रांसपोर्टेशन
पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के सुरक्षित और आसान ट्रांसपोर्टेशन के लिए अब पेट्रोलियम कंपनियां अपना खुद का टैंक वैगन तैयार करा सकती हैं। अभी पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के ट्रांसपोर्टेशन लिए रेलवे द्वारा बनाए गए टैंक वैगन ही इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
फूड ट्रांसपोर्टेशन
17वें रिफॉर्म के तहत फूडग्रेन्स, आटा, मैदा, बेसन, दालों आदि के ट्रांसपोर्टेशन को ज्यादा सुरक्षित और आसान बनाने के लिए अब कंटेनरों का इस्तेमाल किया जाएगा।
बताते चलें कि भारतीय रेल ने अभी हाल ही में यूपी, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान के रेल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बड़ी घोषणा की थी। रेलवे ने यात्रियों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि लगभग 30 स्पेशल ट्रेनों को अब 31 अगस्त तक चलाया जाएगा।
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