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छह या 5 Day नहीं बल्कि हफ्ते में बस 4 दिन करना होगा काम, जल्द लागू हो सकता है यह मॉडल!

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Apr 10, 2022 01:09 pm IST,  Updated : Apr 10, 2022 01:09 pm IST

60% से अधिक नियोक्ताओं का यह मत है कि हफ्ते में चार कामकाजी दिवस की नई व्यवस्था नौकरी में संतुष्टि और काम एवं जीवन के बीच संतुलन बनाने में भी सफल साबित होगी।

4 day week- India TV Hindi
4 day week Image Source : FREEPIK

Highlights

  • चार कामकाजी दिवस की नई व्यवस्था से काम एवं जीवन के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलेगी
  • चार कामकाजी दिन के लिए रोजाना 12 घंटे से अधिक काम करने को तैयार 56% लोग
  • अलग-अलग सेक्टर में काम करने वाले सौ फीसदी कर्मचारी चार कार्यदिवस वाली व्यवस्था के पक्ष में

नई दिल्ली। दुनिया भर में कर्मचारियों के लिए चार कामकाजी दिवस वाले हफ्ते की व्यवस्था अपनाने में देखी जा रही तेजी के बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत में भी ज्यादातर नियोक्ताओं को लगता है कि इस व्यवस्था से तनाव कम करने में मदद मिलेगी। एचआर सॉल्यूशन्स जीनियस कंसल्टेंट्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 60 फीसदी से अधिक नियोक्ताओं का यह मत है कि हफ्ते में चार कामकाजी दिवस की नई व्यवस्था नौकरी में संतुष्टि और काम एवं जीवन के बीच संतुलन बनाने के साथ कंपनी को बढ़ाने के लिहाज से भी सफल साबित होगी। इससे तनाव और चिंता का स्तर भी कम होगा। हालांकि 27 फीसदी नियोक्ता इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हैं कि संगठन की उत्पादकता पर इस चलन का क्या असर हो सकता है।

1,113 नियोक्ताओं पर कराया गया सर्वे 

वहीं 11 फीसदी नियोक्ताओं ने कहा कि चार कार्य-दिवस वाले सप्ताह की व्यवस्था से कोई उल्लेखनीय सकारात्मक परिणाम नहीं आने वाले हैं। यह रिपोर्ट 1,113 नियोक्ताओं और कर्मचारियों पर एक फरवरी से सात मार्च के बीच कराए गए एक ऑनलाइन सर्वेक्षण पर आधारित है। यह सर्वेक्षण बैंकिंग और वित्त, निर्माण एवं इंजीनियरिंग, शिक्षा, एफएमसीजी, आतिथ्य, एचआर समाधान, आईटी, आईटीईएस और बीपीओ, लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण, मीडिया, तेल एवं गैस क्षेत्र की कंपनियों में किया गया। वहीं इस सर्वे के नतीजे बताते हैं कि सौ फीसदी कर्मचारी चार कार्यदिवस वाली व्यवस्था के पक्ष में हैं।

12 घंटे से अधिक करने को तैयार 56% कर्मचारी

सर्वेक्षण में नियोक्ताओं से पूछा गया था कि एक अतिरिक्त दिन का अवकाश मिलने पर क्या वे रोजाना 12 घंटे से अधिक समय तक काम करने को तैयार हैं तो उनमें से 56 फीसदी लोग फौरन ही इसके लिए राजी हो गए। हालांकि 44 फीसदी कर्मचारी कामकाजी घंटों को बढ़ाने के पक्ष में नहीं दिखे। इसी के साथ 60 फीसदी कर्मचारियों ने एक और दिन का अवकाश मिलने पर 12 घंटे से अधिक काम करने के लिए खुद को तैयार बताया। जीनियस कन्सल्टेंट्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक आर पी यादव ने कहा, ‘‘सप्ताह में चार कामकाजी दिवस की दिलचस्प व्यवस्था कई देशों और संगठनों में अपनाई जा रही है। इससे कर्मचारी अपने निजी एवं कामकाजी जीवन के बीच बेहतर संतुलन बना पाएंगे। वहीं कुछ लोगों की नजर में इससे कर्मचारियों का प्रदर्शन सुधारने में भी मदद मिल रही है।

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