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TATA की इस कंपनी ने किया सैलरी हाइक का ऐलान, औसतन 5% बढ़ी तनख्वाह; लेकिन कुछ कर्मचारियों को मिला बड़ा झटका!

 Written By: Shivendra Singh
 Published : May 18, 2026 06:18 pm IST,  Updated : May 18, 2026 06:18 pm IST

टाटा ग्रुप की एक कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए नए अप्रेजल साइकिल में सैलरी हाइक का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने औसतन करीब 5% वेतन बढ़ोतरी की घोषणा की है। लेकिन कुछ कर्मचारियों को सैलरी कम होने और वैरिएबल पे घटने का झटका भी लगा है।

TCS में सैलरी हाइक- India TV Hindi
TCS में सैलरी हाइक Image Source : CANVA

आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अपने कर्मचारियों के लिए सैलरी हाइक का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने औसतन 5% तक वेतन बढ़ाने का फैसला लिया है, जिससे हजारों कर्मचारियों को राहत मिली है। लेकिन इस अप्रेजल साइकिल में हर कर्मचारी खुश नहीं है। कुछ लोगों को जहां अच्छी बढ़ोतरी मिली, वहीं कुछ कर्मचारियों को नेगेटिव रिवीजन का भी सामना करना पड़ा है। ऐसे में TCS का यह फैसला आईटी सेक्टर में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। 

किसे कितना मिला सैलरी हाइक?

जानकारी के मुताबिक TCS में अलग-अलग परफॉर्मेंस बैंड्स के हिसाब से कर्मचारियों को वेतन वृद्धि दी गई है। A+ कैटेगरी वाले टॉप परफॉर्मर्स को 9% से 13% तक की बढ़ोतरी मिली। A बैंड कर्मचारियों को 5% से 9% तक हाइक दिया गया। B बैंड कर्मचारियों की सैलरी में 1% से 3.5% तक की बढ़ोतरी हुई। वहीं C बैंड कर्मचारियों को बेहद कम हाइक मिला, कुछ मामलों में सैलरी घटने की भी शिकायत सामने आई। कंपनी में कुल कर्मचारियों की संख्या करीब 5.84 लाख बताई जा रही है।

कुछ कर्मचारियों की सैलरी क्यों घटी?

कई कर्मचारियों का दावा है कि अप्रेजल लेटरमिलने के बावजूद उनकी कुल CTC कम हो गई। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि पुनर्गठन के कारण अलाउंस और वैरिएबल पे में बदलाव किए गए, जिससे इन-हैंड सैलरी घट गई। कुछ कर्मचारियों के अनुसार उनका सालाना पैकेज 1000 से 10000 रुपये तक कम हो गया। वहीं कुछ ने बताया कि वैरिएबल पे अब क्वाटरली quarterly या सालाना बेसिस पर शिफ्ट किया जा रहा है।

वर्क फ्रॉम होम से जुड़ा बोनस?

रिपोर्ट्स के मुताबिक कई कर्मचारियों ने दावा किया है कि अब परफॉर्मर्स बोनस और वैरिएबल पे को वर्क फ्रॉम ऑफिस (WFO) अनुपालन से जोड़ा जा रहा है। यानी ऑफिस आने के नियमों का पालन करने वालों को ज्यादा फायदा मिल सकता है। इसके अलावा मेडिक्लेम प्रीमियम बढ़ने और सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव की शिकायतें भी सामने आई हैं।

क्यों दबाव में है IT सेक्टर?

विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल भारतीय IT कंपनियां कमजोर वैश्विक मांग, ग्राहक खर्च में कमी और मार्जिन दबाव जैसी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। यही वजह है कि कंपनियां सैलरी हाइक और बोनस को लेकर बेहद सावधानी बरत रही हैं। हालांकि TCS ने अपने सालाना रिपोर्ट में कहा है कि जूनियर और मिड-लेवल कर्मचारियों को 4.5% से 7% तक की औसत बढ़ोतरी दी गई है।

कर्मचारियों में बढ़ी चिंता

सैलरी हाइक के बावजूद रीस्ट्रक्चरिंग और कम भुगतान की खबरों ने कई कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर छोटे परफॉर्मर्स बैंड्स वाले कर्मचारियों में नाराजगी देखने को मिल रही है।

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