नई दिल्ली। देश के 47 लघु और मझोले उद्यमों (SME) ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के जरिये चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 825 करोड़ रुपए जुटाये। यह पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही के आंकड़े के दोगुने से अधिक है। मर्चेंट बैंकर द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2018-19 की अप्रैल-जून तिमाही में कुल 47 कंपनियां ने IPO के माध्यम से 825 करोड़ रुपए जुटाए। इसके मुकाबले पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 24 कंपनियों ने आईपीओ से 310 करोड़ रुपए जुटाये थे।
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यह बांबे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के एसएमई प्लेटफॉर्म के माध्यम से जुटाए गई रकम में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। इसके अलावा, आईपीओ के औसत आकार में भी वृद्धि हुई है। समीक्षाधीन अवधि में यह बढ़कर 17 करोड़ रुपए से अधिक हो गया, जो कि 2017-18 की पहली तिमाही में 13 करोड़ रुपए था।
पैंटोमैथ एडवाइजरी सर्विसेज समूह के प्रबंध निदेशक महावीर लुनावत ने कहा कि लघु एवं मझोले उद्यम बाजार को शुरू हुए छह साल से ज्यादा हो गए और हमने देखा कि यह बाजार विभिन्न रुझानों के साथ धीरे-धीरे बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में आने वाले समय और तेजी आएगी।
अलग-अलग राज्यों के हिसाब से एसएमई बाजार में गुजरात की 17 कंपनियां सूचीबद्ध हुई। यह राज्य शीर्ष स्थान पर रहा। इसके बाद महाराष्ट्र (11), दिल्ली (5) और मध्य प्रदेश (3) का स्थान रहा।
आईपीओ दस्तावेज के मुताबिक, आईपीओ के जरिये पूंजी जुटाने का उद्देश्य कारोबार विस्तार, कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने और कंपनी प्रशासन से जुड़े अन्य कामकाज है।