सोने की कीमत ने मंगलवार ( 9 सितंबर) को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर इतिहास रच दिया। अक्टूबर वायदा सोना शुरुआती कारोबार में ₹1,09,000 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इस जबरदस्त तेजी को कई फैक्टर्स से समर्थन मिला, जिसमें स्थानीय मांग, कमजोर अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर में कटौती की उम्मीदें शामिल हैं। एमसीएक्स की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, सुबह 10 बजकर 04 मिनट पर अक्टूबर वायदा सोने की कीमत 0.59 प्रतिशत की उछाल के साथ 1,09,156 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इसी तरह, चांदी दिसंबर वायदा भी 0.28 प्रतिशत उछलकर 1,25,918 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।
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डॉलर इंडेक्स में गिरावट और फेड रेट कट की उम्मीदें
डॉलर इंडेक्स में करीब 0.10% की गिरावट देखी गई, जिससे अन्य मुद्राओं के मुकाबले सोना सस्ता हो गया और इसकी वैश्विक मांग बढ़ गई। सोने की कीमतों में उछाल का सबसे बड़ा कारण यूएस फेड द्वारा संभावित ब्याज दर में कटौती की उम्मीदें हैं। हाल ही में जारी अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने इन उम्मीदों को और मजबूत किया है।
अगस्त में अमेरिका में जॉब ग्रोथ में भारी गिरावट आई और बेरोजगारी दर बढ़कर 4.3% हो गई, जो लगभग चार साल का उच्चतम स्तर है। LPL Financial के चीफ इकोनॉमिस्ट जेफरी रोच के अनुसार, ये आंकड़े संकेत देते हैं कि अमेरिकी लेबर मार्केट अब ठहराव की ओर बढ़ रहा है।
अब नजर CPI डेटा पर
निवेशकों की निगाहें अब गुरुवार को जारी होने वाले अगस्त के CPI (महंगाई दर) आंकड़ों पर टिकी हैं। इन आंकड़ों से फेड की भविष्य की मौद्रिक नीति को लेकर और स्पष्ट संकेत मिलने की उम्मीद है।
सोने ने दिया इक्विटी से बेहतर रिटर्न
इस साल सोने ने अपने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। अब तक सोने की कीमत में करीब 42% की बढ़त दर्ज की गई है, जबकि इक्विटी बेंचमार्क निफ्टी 50 सिर्फ 4% के करीब चढ़ा है। 31 दिसंबर 2024 को सोने की कीमत ₹76,000 प्रति 10 ग्राम थी, जो 8 सितंबर 2025 तक बढ़कर ₹1,08,000 प्रति 10 ग्राम हो गई।