इनकम टैक्स के सेक्शन 54F व्यक्तियों को रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी में फिर से इन्वेस्ट करके लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स छूट क्लेम करने की अनुमति देता है। अगर आप पात्रता पूरी करते हैं तो आप टैक्स छूट का लाभ पा सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा, ''मैं कई लोगों से कहता रहा हूं कि भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस में सवार हो गया है। इस रिफॉर्म एक्सप्रेस का मुख्य इंजन भारत की डेमोग्राफी, हमारी युवा पीढ़ी और हमारे लोगों का अदम्य साहस है। ''
लखनऊ के लुलु मॉल पर 27 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया था, जिसे समय पर नहीं चुकाया गया।
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लाखों टैक्सपेयर्स की चिंता बढ़ा दी है। दावा किया जा रहा है कि 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को लोगों के ईमेल, व्हाट्सएप चैट, इंस्टाग्राम और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच का अधिकार मिल जाएगा। इन दावे की क्या है सच्चाई?
डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई टैक्सपेयर कानून के अनुरूप सही कटौती या छूट का दावा कर रहा है तो उसे कोई और कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है।
आंकड़ों के विश्लेषण से मालूम चला कि कई टैक्सपेयर्स ने या तो संदिग्ध संस्थाओं को दान दिया था या प्राप्तकर्ता संगठनों की असलियत साबित करने के लिए जरूरी जानकारी नहीं दी थी।
एसएमएस और ईमेल में टैक्सपेयर्स से 31 दिसंबर 2025 से पहले ITR को रिव्यू और रिवाइज करने की सलाह दी जा रही है, ताकि सजा से बचा जा सके।
इनकम टैक्स के तहत कुछ खास निवेश विकल्प हैं जिन्हें आपको दिसंबर खत्म होने से पहले ही अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर लेना चाहिए। इससे आपके टैक्स बचत हो सकेगी।
भारत में शादी का सीजन पूरे शबाब पर है। शादी के दौरान रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलने वाले गिफ्ट्स अक्सर दूल्हा-दुल्हन के लिए खुशी का बड़ा कारण होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन गिफ्ट्स में मिलने वाला कैश अगर इनकम टैक्स के नियमों के मुताबिक न लिया जाए, तो कितनी पेनाल्टी लगेगी?
बुधवार को बीएसई पर वारी एनर्जी के शेयर 108.05 रुपये (3.29%) की गिरावट के साथ 3175.10 रुपये के भाव पर बंद हुए।
इमकम टैक्स एक्ट, 2025 संसद द्वारा 12 अगस्त को पारित किया गया था। इनकम टैक्स एक्ट के तहत लागू सभी फॉर्म जैसे- टीडीएस त्रैमासिक रिटर्न फॉर्म और आईटीआर फॉर्म पर दोबारा काम किया जा रहा है।
बीते कुछ सालों में, म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने वाले लोगों की संख्या में काफी तेज बढ़ोतरी हुई है। खास बात ये है कि इनमें छोटे निवेशकों और महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा है।
दिल्ली के एक शख्स को वॉट्सऐप चैट के आधार पर 22 करोड़ रुपये का नोटिस मिला था। हालांकि, ITAT दिल्ली ने कहा कि यह सबूत अविश्वसनीय और बिना पुष्टि के हैं। कोर्ट ने नोटिस को रद्द करते हुए पूरा मामला खारिज कर दिया और कर विभाग की कार्रवाई को अवैध ठहराया।
1 अप्रैल से 12 अक्टूबर के दौरान नॉन-कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन और सिक्यॉरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स कलेक्शन में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
अगर आप भी अपने इनकम टैक्स रिफंड के लिए इंतजार कर रहे हैं तो यहां हम आपको रिफंड स्टेटस को ट्रैक करने का सबसे आसान तरीका बताने जा रहें हैं।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस तिथि को आगे बढ़ाते हुए आईटीआर फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है। इससे ऐसे लोग जो 15 सितंबर को चूक गए थे, उन्हें एक मौका मिल गया है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्सपेयर्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन को 31 जुलाई, 2025 से बढ़ाकर 15 सितंबर, 2025 कर दिया था।
टैक्सपेयर्स की शिकायतों पर जवाब देते हुए डिपार्टमेंट ने कहा है कि पोर्टल ठीक काम कर रहा है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अपने जवाब में कहा, ''कृपया अपना ब्राउजर क्लियर करें या किसी दूसरे ब्राउजर से ई-फाइलिंग पोर्टल पर पहुंचने की कोशिश करें।''
आयकर रिटर्न फाइलिंग असेसमेंट ईयर 2025-26 की डेडलाइन 15 सितंबर है। अगर आपने ITR 2025 की अंतिम तिथि तक रिटर्न फाइल नहीं किया, तो न सिर्फ जुर्माना भरना पड़ेगा, बल्कि आप कई अहम टैक्स लाभों से भी वंचित रह जाएंगे।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की पोस्ट में कहा गया है कि आईटीआर फाइलिंग, टैक्स भुगतान और अन्य संबंधित सेवाओं के लिए टैक्सपेयर्स की मदद के लिए हेल्पडेस्क चौबीसों घंटे काम कर रहा है और विभाग अन्य माध्यम से भी सहायता प्रदान कर रहा है।
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