भारत में प्रतिदिन खपत होने वाले 5.5 मिलियन बैरल कच्चे तेल में से लगभग 1.5 से 2 मिलियन होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से आता है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और एयर स्पेस में ज्यादा भीड़भाड़ के कारण फ्लाइट्स कैंसिल की जा रही हैं। उसने बताया कि यात्रियों को कैंसिलेशन के बारे में पहले से जानकारी दी जा रही है।
सराफ ने कहा, यह मार्ग तेल टैंकर की आवाजाही को प्रभावित करेगा। मुझे लगता है कि तेल टैंकर नए मार्ग खोज लेंगे, लेकिन इससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ेंगी। इसका महंगाई पर प्रभाव पड़ेगा।
दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता देश भारत विदेशों से लगभग 51 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदता है, जिसे रिफाइनरी में पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन में बदला जाता है।
गुरुवार को तेल अवीव स्टॉक एक्सचेंज में 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। तेल अवीव के लोकल टाइम के अनुसार, शेयर बाजार सुबह 10 बजे खुला था और कारोबार के दौरान ये ज्यादातर मौकों पर बढ़त के साथ हरे निशान में ही बना रहा।
ईरान-इजरायल संघर्ष के चलते संयुक्त राजनीतिक जोखिम प्रीमियम बढ़ रहा है, जिसने सोने की सुरक्षित-हेवन मांग को बढ़ावा दिया है। ग्लोबल मार्केट में सोना 3500 डॉलर से ऊपर जा सकता है।
इजरायल, ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के साथ कच्चे तेल के दाम बेकाबू हो गया है। दाम में 11% से ज्यादा उछाल आ गया है।
जानकार का कहना है कि अगर व्यापक युद्ध छिड़ता है, तो यह ईरान के तेल के उसके ग्राहकों तक प्रवाह को धीमा कर सकता है और दुनिया भर में सभी के लिए कच्चे तेल और गैसोलीन की कीमत को ऊंचा रख सकता है।
शुक्रवार को आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी के शेयर बीएसई पर 8.1% की तूफानी तेजी के साथ 599.60 रुपये के भाव पर पहुंच गया, जो भारतीय डिफेंस शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त थी।
एयर इंडिया, भारत से तेल अवीव के लिए डायरेक्ट फ्लाइट सर्विस देने वाली इकलौती भारतीय एयरलाइन कंपनी है।
ईरान के मिसाइल हमले के बाद ये आशंका जताई जा रही है कि इजराइल तेल उत्पादक ईरान के तेल या परमाणु केंद्रों को निशाना बना सकता है। ऐसा होने पर ईरान, इजराइल पर सीधा हमला या होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करके जवाब देने का रास्ता अपना सकता है।
जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘इजराइल के निर्यात में 63.5 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। इसके असर से जॉर्डन में 38.5 प्रतिशत की गिरावट देखी गई और लेबनान में 6.8 प्रतिशत की कमी आई है।’’
Iran-Israel War : ईरान ने इजराइल पर करीब 200 हाई स्पीड बैलिस्टिक मिसाइलें बरसाई हैं। इस हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है। अगर इजराइल की तरफ से जवाबी कार्रवाई होती है, तो कीमतों में और इजाफा हो सकता है।
भारतीय एयरलाइन कंपनी ने मिडल-ईस्ट में जारी संकट के बीच एक बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने इस संकट को देखते हुए तेल अवीव जाने और वहां से आने वाली सभी फ्लाइट्स को सस्पेंड कर दिया है।
Iran Israel War : इजराइल का विदेशी मुद्रा भंडार 212.93 अरब डॉलर का है। वहीं, ईरान के पास 127.15 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है।
पिछले 15 दिनों से मिडिल ईस्ट में भारी तनाव है,जिसका असर दुनियाभर के बाजारों पर देखने को मिला है। आने वाले समय में इसके और आगे जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
गाजा पट्टी प्रमुख कच्चे तेल उत्पादन वाला क्षेत्र नहीं है, फिर भी हमास-इजराइल संघर्ष के कारण इसकी उपलब्धता को लेकर कई चिंताएं हैं। इस संघर्ष से दुनिया के कुछ सबसे बड़े तेल भंडारों वाले देश ईरान को लेकर भी चिंताएं हैं।
ग्लोबल हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी युद्ध प्रभावित देशों के लिए कोई कवरेज न होने की अतिरिक्त शर्त के साथ आ सकती हैं। इंश्योरेंस कंपनी एक्टिव युद्ध क्षेत्र में आपके मेडिकल बिल को कवर करने से इनकार कर सकता है।
अगर हमास के साथ उसका सपोर्टर ईरान युद्ध में शामिल हो जाता है तो स्थिति बदल जाएगी।
भारत के साथ इजरायल का कारोबार 10 बिलियन डॉलर से थोड़ा ज्यादा है। वित्त वर्ष 2023 में इजरायल को निर्यात 8.5 बिलियन डॉलर और आयात 2.3 बिलियन डॉलर है।
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