मानसून सीजन में समय रहते इन सभी राज्यों में अगर बारिश की कमी पूरी नहीं हुई इन सभी राज्यों में खरीफ फसलों की पैदावार बुरी तरह से प्रभावित होगी।
मानसून सीजन में जून और जुलाई के दौरान देशभर में औसतन 460.2 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई है जो औसत (100%) के मुकाबले करीब 102% बरसात है
रेड अलर्ट इन तीन राज्यों के लिए मौसम विभाग द्वारा जारी किया गया है। इससे इन राज्यों में गर्मी से निजाद तो मिलेगी की साथ ही भारी आफत भी आ सकती है।
कुछ राज्यों के लिए नारंगी चेतावनी है तो कुछ को सावधान किया गया है। जिन राज्यों के लिए रेड अलर्ट है वह राजस्थान, गुजरात, गोआ, कर्नाटक और महाराष्ट्र हैं
दिल्ली वालों को जल्दी ही उमस भरी गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि मंगलवार से दिल्ली में कई जगहों पर मानसून की बारिश लौट सकती है
मानसून की भारी बरसात को लेकर गुजरात में तो पहले से ही रेड अलर्ड जारी था लेकिन अब मध्य प्रदेश और राजस्थान को भी इसमें शामिल कर लिया गया है
मौसम विभाग ने 14 और 15 जुलाई के लिए गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ तथा कोंकण के साथ गोआ को भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है
अबतक बीते मानसून सीजन के दौरान देश कई जगहों पर औसत के मुकाबले ज्यादा बरसात दर्ज की गई है और लग रहा है कि आगे भी बारिश औसत से ज्यादा ही रहेगी
अगले 3-4 दिनों के दौरान उत्तर भारत में एक बार फिर से भारी बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। IMD ने उत्तर प्रदेश के लिए चेतावनी जारी की।
आईएमडी ने कहा है कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बन चुका है जिससे अगले दो दिनों में बारिश शुरू होने की पूरी उम्मीद है।
सूखा पीडि़त महाराष्ट्र में किसानों की बुवाई की तैयारी के बीच मौसम विभाग ने इसे धीमा रखने की सलाह दी है।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) अगले साल से हर राज्य के लिए अलग से मानसून का अनुमान जारी करेगा। फिलहाल आईएमडी जोन के हिसाब से अनुमान जारी करता है।
मौसम विभाग के इस वर्ष मानसून बेहतर रहने के अनुमान से एग्रीकल्चर इंडस्ट्री सेक्टर की ग्रोथ को लेकर उत्साहित है। इस साल अच्छी बारिश की उम्मीद है।
अमेरिकी एजेंसी नेशनल ऐरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) के मुताबिक भारतीय शहरों का तापमान साल दर साल लगातार बढ़ता जा रहा है।
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