दिल्ली-एनसीआर प्रदूषण की मार झेल रहा है। एक्यूआई 400 के पार पहुंच गया है और वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी को दर्शाने लगा है। बावजूद इसके वायु प्रदूषण में कमी देखने को नहीं मिल रही है। वहीं पंजाब में पराली जलाने की घटना लगातार देखने को मिल रही हैं। पंजाब के फिरोजपुर में एक बार फिर पराली जलाने का मामला देखने को मिला है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। इस बाबत पंजाब के किसान गुरनैब सिंह ने कहा कि पराली जलाना मेरा शौक नहीं, बल्कि मेरी मजबूरी है। सरकार को इसका समाधान निकालना चाहिए। हम पराली जलाना नहीं चाहते हैं लेकिन हम मजबूर हैं।
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किसान बोले- हम मजबूर हैं
उन्होंने कहा कि सरकार पराली को जलने से रोकने में सफल नहीं हो पाई है। पराली जलाने की समस्या से निपटना होगा। हमारे बच्चे और परिवार भी यहीं रहते हैं। खतरा उन्हें भी है लेकिन हम कुछ नहीं कर सकते हैं। हम असहाय है। बता दें कि शुक्रवार को पंजाब में पराली जलाने के 1551 नए मामलों की पुष्टि की गई थी। वहीं बुधवार से शुक्रवार के बीच पंजाब में पराली जलाने के 5140 मामले दर्ज किए गए। ये अबतक पंजाब में पराली जलाने के कुल मामलों का 40 फीसदी है। पंजाब में इस साल पराली जलाने का मामाल बढ़कर 12,813 पहुंच गया है।
सरकारी अधिकारियों का खौफ नहीं
वहीं रविवार को पंजाब के बठिंडा में खेतों में पराली जलाने से किसानों को रोकने के लिए एक सरकारी टीम पहुंची। इस दौरान किसानों के एक समूह ने सरकारी टीम के आदेशों की कथित तौर पर अवहेलना की और एक अधिकारी को जबरन धान की पराली में आग लगाने के लिए मजबूर किया। इस वीडियो को पंजाब के सीएम भगवंत मान ने भी अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है। उन्होंने इस घटना की निंदा की है। इसका वीडियो भी इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक सरकारी अधिकारी पर पराली को जलाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।