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राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांटे का मुकाबला! जानिए क्या कहता है ETG ओपिनियन पोल का आंकड़ा

 Published : Sep 30, 2023 06:23 pm IST,  Updated : Sep 30, 2023 07:37 pm IST

ईजीटी ओपिनियन पोल के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश की राजनीति में दखल रखने वाले दो सियासी दलों कांग्रेस और बीजेपी एक बार फिर एक दूसरे को कड़ी टक्कर देंगे।

राजस्थान ओपिनियन पोल- India TV Hindi
राजस्थान ओपिनियन पोल Image Source : इंडिया टीवी

ETG Opinion Poll: राजस्थान में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होनेवाले हैं। सभी सियासी दल अभी से चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। उम्मीदवारों के नाम और सियासी नफा नुकसान पर मंथन चल रहा है। इस बीच ईटीजी ओपिनियन पोल के आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता इस बार मुकाबला कांटे का रहनेवाला है। प्रदेश की राजनीति में दखल रखने वाले दो सियासी दलों कांग्रेस और बीजेपी एक बार फिर एक दूसरे को कड़ी टक्कर देंगे। ईजीटी ओपिनियन पोल के आंकड़ों के मुताबिक 200 सीटों वाली विधानसभा में  बीजेपी को 95 से 105 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को 91 से 101 सीटों मिल सकती हैं जबकि अन्य दलों के खाते में 3 से 6 सीटें जा सकती हैं। 

मेवाड़ क्षेत्र में कांटे की टक्कर

अगर क्षेत्रवार बात करें तो ढुंढाड़  क्षेत्र में बीजेपी को 27 ले 29 सीटें मिलने का अनुमान है जबकि कांग्रेस को 28 से 30 सीटें मिल सकती हैं। वहीं मारवाड़ इलाके में बीजेपी को 30 से 32 सीटें मिल सकती हैं जबकि कांग्रेस के खाते में 27 से 29 सीटें जा सकती हैं। मेवाड़ क्षेत्र की बात करें तो बीजेपी को 20 से 22 सीटें मिलने का अनुमान है जबकि कांग्रेस  को भी लगभग इतनी ही सीटों मिलती दिख रही हैं। हाड़ौती क्षेत्र में 8 से 10 सीटें बीजेपी को मिल सकती हैं जबकि कांग्रेस को 7 से 9 सीटें मिलने का अनुमान है। शेखावटी में बीजेपी को 10 से 12 सीटें मिल सकती हैं जबकि कांग्रेस को 9 से 11 सीटें मिलने का अनुमान है।

राजस्थान ओपिनियन पोल
Image Source : इंडिया टीवीराजस्थान ओपिनियन पोल

2018 में बीजेपी को मिली थी 73 सीटें
2018 के विधानसभा चुनावों में कुल 200 सीटों में से बीजेपी को 73 सीटों पर सफलता मिली थी जबकि कांग्रेस 99 सीटें जीत पाने में कामयाब रही। वहीं 28 सीटों पर 'अन्य' दलों को सफलता मिली थी। मारवाड़ में क्षेत्र में करीब 100 विधानसभा सीटें। बाड़मेर, जैसलमेर,बीकानेर,जोधपुर, पाली, जालोर, नागौर जिला मारवाड़ क्षेत्र में आता है। वहीं जाट, राजपूत, मुस्लिम और दलित जनसंख्या चुनावों में अहम भूमिका निभाती है। इस क्षेत्र में गजेंद्र शेखावत,कैलाश चौधरी, अर्जुन राम मेघवाल, सतीश पूनिया और ज्योति मिर्धा बीजेपी के बड़े नेता हैं।

मेवाड़ क्षेत्र में विधानसभा की 30 सीटें
मेवाड़ में विधानसभा की 30 सीटें हैं। उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, भीलवाड़ा जिले मेवाड़ क्षेत्र में आते हैं। राजपूत,ब्राह्माण, ST, गुर्जर और दलितों की संख्या के चुनाव परिणामों पर अपना असर डालती है। मेवाड़ में सीपी जोशी,दिया कुमारी बीजेपी के बड़े नेता हैं। 

शेखावटी क्षेत्र में विधानसभा की 25 सीटें
शेखावटी क्षेत्र में विधानसभा की 25 सीटें हैं। चुरू,सीकर, झुझंनू जिले शेखावटी क्षेत्र में आते हैं। जाट,गुर्जर,मुस्लिम, राजपूत,ब्राह्मण यहां की चुनावी राजनीति पर खासा असर डालते हैं। राजेंद्र राठौड़ और नरेंद्र खीचड़ यहां से बीजेपी के बड़े नेता हैं।

ढूंढाड़ क्षेत्र में विधानसभा की 25 सीटें 
ढूंढाड़ रीजन में विधानसभा की 25 सीटें हैं। जयपुर ,अलवर, दौसा, सवाई माधोपुर, टोंक और करौली जिले इसी क्षेत्र में आते हैं । राज्यवर्धन राठौड़, बाबा बालकनाथ, किरोणी लाल मीणा इस क्षेत्र से बीजेपी के बड़े नेता हैं। हाड़ौती रीजन में विधानसभा की 20 सीटें हैं। बूंदी , बारा, झालावाड़ और कोटा जिले हाड़ौती क्षेत्र में आते हैं। गुर्जर, दलित,मुस्लिम, ओबीसी, राजपूत यहां के चुनावी सियासत में खासा असर रखते हैं।

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