राजस्थान को नशा मुक्त बनाने की मुहिम चलाई जा रही है। नशा मुक्ति उद्देश्य से चलाए जा रहे 'एंटी वेनम' अभियान के पहले चरण में मादक पदार्थ तस्करों पर सख्ती के बाद अब जयपुर रेंज पुलिस युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए धर्मगुरुओं, कथावाचकों की मदद लेगी। इसके लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है।
धर्मगुरु-कथावाचक निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका
जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राहुल प्रकाश ने कहा कि धर्मगुरु, कथावाचक और समाज में प्रभाव रखने वाले धार्मिक लोग युवाओं को धर्म से जोड़ते हुए उन्हें नशे से दूर रखने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंनें बताया कि 'एंटी वेनम' अभियान का दूसरा चरण बुधवार से शुरू हो गया है, जिसमें धर्मगुरु-कथावाचक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कथावाचकों से किया जा रहा व्यक्तिगत संपर्क
पुलिस अधिकारी प्रकाश ने बताया कि इसके लिए शहर के धर्मगुरुओं और कथावाचकों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया जा रहा है, ताकि वे अपने प्रवचनों के जरिये युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
लाया जा सकता है सकारात्मक बदलाव
उन्होंने कहा, 'धार्मिक प्रभाव के जरिए युवाओं में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। धर्मगुरु समाज में आदर्श माने जाते हैं। उनके प्रवचन, कथाएं और धार्मिक आयोजनों से लोग गहराई से जुड़ते हैं। यही वजह है कि पुलिस अब इनकी मदद लेगी।'
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