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9 बार हुईं फेल, पर नहीं मानी हार...बारां की ऋषिना ने रचा इतिहास, वायुसेना में बनीं जिले की पहली महिला फ्लाइंग ऑफिसर

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Mar 08, 2026 02:28 pm IST,  Updated : Mar 08, 2026 02:35 pm IST

बारां की ऋषिना शर्मा ने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर इतिहास रच दिया है। ऋषिना बारां जिले की पहली महिला हैं, जिन्होंने वायुसेना में यह मुकाम हासिल किया है।

अपने माता-पिता के साथ ऋषिना शर्मा- India TV Hindi
अपने माता-पिता के साथ ऋषिना शर्मा Image Source : REPORTER INPUT

राजस्थान: महिला दिवस की पूर्व संध्या पर बारां जिले के लिए एक गौरवशाली खबर सामने आई। जिले के अंता क्षेत्र के छोटे से गांव अलीपुरा की ऋषिना शर्मा ने भारतीय वायुसेना (IAF) में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर इतिहास रच दिया है। ऋषिना बारां जिले की पहली महिला हैं, जिन्होंने वायुसेना में यह मुकाम हासिल किया है। उन्हें नई दिल्ली में इंटेलिजेंस विभाग (खुफिया विभाग) में तैनाती मिली है।

ऋषिना ने बताया कि वायुसेना में शामिल होने का जुनून उनमें बचपन से ही था। गणतंत्र दिवस की परेड देखकर उन्होंने सैनिक स्कूल जाने की ठानी थी, लेकिन तब लड़कियों के प्रवेश पर पाबंदी की वजह उन्हें निराशा हाथ लगी। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और कॉलेज में NCC जॉइन कर अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाए।

ऋषिना की यह सफलता आसान नहीं थी। उन्होंने 9 बार लिखित परीक्षा दी और कई बार एसएसबी (SSB) के कठिन इंटरव्यू का सामना किया। अपनी कॉर्पोरेट नौकरी के साथ-साथ वे खुद को शारीरिक रूप से फिट रखने के लिए रोजाना 4-5 किलोमीटर दौड़ लगाती थीं।

साइबर सिक्योरिटी ऑफिसर से फ्लाइंग ऑफिसर तक का सफर

ऋषिना ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बारां के सेंट पॉल स्कूल से पूरी की, जिसके बाद बेंगलुरु के नित्य मीनाक्षी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बी.टेक किया। वायुसेना में चयन से पहले वे दो साल तक एक बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में साइबर सिक्योरिटी ऑफिसर के पद पर कार्यरत थीं।

उनके पिता हरीश शर्मा बिजली निगम में सहायक अभियंता (AEN) हैं और माता नीलम शर्मा वरिष्ठ अध्यापिका हैं। माता-पिता के प्रोत्साहन और अपनी मेहनत के दम पर ऋषिना ने एयरफोर्स एकेडमी हैदराबाद और बेंगलुरु से अपना कठिन प्रशिक्षण पूरा किया।

पासिंग आउट परेड, जिले में जश्न

7 मार्च को वायुसेना तकनीकी कॉलेज बेंगलुरु में आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद ऋषिना को औपचारिक रूप से नियुक्ति दी गई। इस खबर के बाद उनके पैतृक गांव अलीपुरा और पूरे बारां जिले में खुशी की लहर है।

(रिपोर्ट- राम मेहता)

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