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Paush Amavasya 2025: पौष अमावस्या पर बन रहे हैं कई शुभ योग, इन कामों को करने से पितृ होंगे प्रसन्न, पूर्वज बरसाएंगे आशीर्वाद

Written By: Vineeta Mandal Published : Dec 16, 2025 08:48 pm IST, Updated : Dec 18, 2025 06:30 am IST

Paush Amavasya 2025: पौष अमावस्या के दिन स्नान-दान के साथ ही इन कार्यों को करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही पुण्यकारी फलों की प्राप्ति भी होती है।

पौष अमावस्या 2025- India TV Hindi
Image Source : FILE IMAGE पौष अमावस्या 2025

Paush Amavasya 2025: हिंदू धर्म में पौष अमावस्या का विशेष महत्व होता है। अमावस्या के दिन स्नान-दान का विधान है। इस दिन गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान और दान पुण्य करने से व्यक्ति को कई गुना अधिक लाभ मिलता है। इस बार पौष अमावस्या के दिन कई शुभ संयोग बन रहे हैं। ऐसे में इस दिन शुभ मुहूर्त में स्नान-दान करना बहुत ही लाभकारी रहेगा। इसके अलावा अमावस्या के दिन इन कामों को करने से पितरों का भी आशीर्वाद मिलेगा। तो चलिए जानते हैं कि पौष अमावस्या के दिन कौनसे शुभ योग बन रहे हैं और इस दिन क्या-क्या काम करने से पितरों की कृपा प्राप्त होगी। 

पौष अमावस्या 2025 डेट और मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, पौष अमावस्या 19 दिसंबर 2025 को मनाई जाएगी। अमावस्या तिथि का आरंभ 19 दिसंबर को सुबह 4 बजकर 59 मिनट पर होगा। अमावस्या तिथि का समापन 20 दिसंबर को सुबह 7 बजकर 12 मिनट पर होगा। अमावस्या के दिन स्नान-दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 19 मिनट से सुबह 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त 19 फरवरी को सुबह 11 बजकर 58 मिनट से दोपहर 12 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। अमृत काल सुबह 9 बजकर 43 मिनट से सुबह 11 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। ये तीनों मुहूर्त स्नान-दान के लिए उत्तम माना जाता है। 

पौष अमावस्या पर बन रहे हैं ये शुभ संयोग

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पौष अमावस्या के दिन कई शुभ संयोग बन रहे हैं। इस दिन सूर्य और चंद्रमा का एक ही राशि में होना अमावस्या का मुख्य ज्योतिषीय आधार होता है। यह संयोग पितरों के तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान के लिए अनुकूल माना जाता है।  इसके साथ ही पौष अमावस्या शुक्रवार के दिन पड़ रहा है। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी का दिन होता है। ऐसे में शुक्रवार और अमावस्या के शुभ संयोग में पूजा-पाठ और दान करने से घर में सुख-समृद्धि और संपन्नता आती है।

पौष अमावस्या के दिन करें ये काम, पितृ होंगे प्रसन्न

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, अमावस्या के दिन पितृ धरती पर आते हैं। ऐसे में अमावस्या के दिन स्नान-दान के लिए तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं। आपको बता दें कि पितरों के आशीर्वाद से व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।) 

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