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Navratri 2025 Kalash Visarjan Time: नवरात्रि की समाप्ति पर कब किया जाएगा कलश का विसर्जन? जान लें तिथि, शुभ मुहूर्त और विधि

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Sep 27, 2025 05:32 pm IST,  Updated : Oct 01, 2025 06:33 am IST

Navratri 2025 Kalash Visarjan: नवरात्रि की समाप्ति के बाद कलश विसर्जन किया जाता है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि कलश विसर्जन किस दिन करना है। इसके लिए शुभ मुहूर्त कब होगा और किस विधि से कलश का विसर्जन करना है।

Shardiya Navratri 2025- India TV Hindi
शारदीय नवरात्रि 2025 Image Source : UNSPLASH

Navratri 2025 Kalash Visarjan: शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर 2025 से हुई थी। नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। माता की कृपा प्राप्त करने के लिए भक्त इस दौरान कलश स्थापना भी करते हैं और नवरात्रि के दौरान व्रत भी लेते हैं। वहीं नवरात्रि की समाप्ति पर कलश विसर्जन किया जाता है। आइए ऐसे में जान लेते हैं कि शारदीय नवरात्रि में कलश विसर्जन कब किया जाएगा, कलश विसर्जन की विधि क्या है और किस शुभ मुहूर्त में कलश विसर्जन किया जाना चाहिए। 

कब किया जाएगा कलश विसर्जन?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलश विसर्जन आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को किया जाता है। वहीं जो लोग माता दुर्गा की प्रतिमा घर में स्थापित करते हैं वो भी इसी दिन दुर्गा विसर्जन करते हैं। साल 2025 में दशमी तिथि 1 अक्टूबर की शाम 7 बजकर 1 मिनट से शुरू होगी और 2 अक्टूबर को शाम 7 बजकर 10 मिनट पर खत्म होगी। उदयातिथि के अनुसार 2 अक्टूबर को ही कलश विसर्जन किया जाएगा।  

कलश विसर्जन शुभ मुहूर्त 

दशमी तिथि के दिन कलश विसर्जन के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 17 मिनट से 6 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 04 मिनट से दोपहर 12 बजकर 51 मिनट के बीच भी आप कलश विसर्जन कर सकते हैं। 

कलश विसर्जन विधि

कलश विसर्जन करते समय सबसे पहले आपको कलश पर रखने नारियल को उठाना चाहिए। इस नारियल को फोड़कर प्रसाद के रूप में आपको बांटना चाहिए। इसके बाद कलश में भरे हुए जल को पूरे घर में छिड़कना चाहिए। जल का छिड़काव आप आम के पत्तों से कर सकते हैं। कलश के जल को आप पीपल के पेड़ या फिर किसी पवित्र नदी में डाल सकते हैं। इसके बाद मिट्टी के कलश को नदी या फिर किसी पवित्र जल स्रोत में आपको प्रवाहित करना चाहिए। कलश में मौजूद सुपारी, लौंग आदि भी कलश के साथ ही आपको प्रवाहित कर देना चाहिए। इस प्रकार कलश को विसर्जित करने से आपको शुभ फलों की प्राप्ति होती है। माता की कृपा से आपके जीवन की सभी परेशानियों का अंत होता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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