Somwar Upay: संकष्टी चतुर्थी पर करें ये खास उपाय, हर इच्छा होगी पूर्ण

Somwar Upay: सोमवार के दिन ये उपाय करने से भगवान हरेंगे हर दुःख। किसी तरह की परेशानी से बचने के लिये आज उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के दौरान शनिदेव की उपासना करना बड़ा ही फलदायी है।

Poonam Shukla Written By: Poonam Shukla
Published on: August 14, 2022 21:01 IST
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Somwar Upay

Somwar Upay: आज भाद्रपदकृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि और सोमवार का दिन है। चतुर्थी तिथि आज रात 9 बजकर 1 मिनट तक रहेगी। आज रात 11 बजकर 24 मिनट तक धृति योग रहेगा। धृति योग को दौरान रखा गया नींव पत्थर आजीवन सुख-सुविधाएं देता है अर्थात यदि रहने के लिए किसी घर का शिलान्यास यदि इस योग में किया जाए तो इंसान उस घर में रहकर सब सुख-सुविधाएं प्राप्त करता है और आनंदमय जीवन व्यतीत करता है।साथ ही आज रात 9 बजकर 7 मिनट तक उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रहेग। आकाशमंडल में स्थित 27 नक्षत्रों की श्रेणी में से उत्तराभाद्रपद 26 वां नक्षत्र है | उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का अर्थ है - भाग्यशाली पैरों वाला व्यक्ति।

उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी शनिदेव हैं, जो कि न्याय के देवता और कर्मफल दाता हैं| ये व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। किसी भी क्षेत्र में न्याय पाने के लिये और किसी तरह की परेशानी से बचने के लिये आज उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के दौरान शनिदेव की उपासना करना बड़ा ही फलदायी है। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के प्रबल प्रभाव में आने वाले जातक बुद्धिमान, परोपकारी, सहनशील, अपने लक्ष्य प्राप्ति हेतु दृढ निश्चयी और अपनी ऊर्जा का प्रयोग सकारात्मक तरीके से करने वाले होते हैं।

साथ ही ये लोग दूसरों के कल्याण हेतु हमेशा प्रयासरत रहते हैं और अपने आपको हर परिस्थिति के अनुकूल ढालने में सक्षम भी होते हैं। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र की राशि मीन है और वनस्पतियों में इसका संबंध नीम के पेड़ से बताया गया है जिन लोगों का जन्म उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में हुआ हो उन लोगो को आज दिन नीम के पेड़ की उपासना करनी चाहिए | साथ ही नीम के पेड़ को, उसकी लकड़ियों को, उसकी पत्तियों को या उसके फलों को किसी भी प्रकार से नुकसान नहीं पहुँचाना चाहिए और न ही किसी इस्तेमाल में लेना चाहिए | आज के दिन ऐसा करने से आपको शुभ फलों की प्राप्ति होगी।

आपको याद दिला दूं की उत्तरभाद्रपद एक पंचक नक्षत्र है। धनिष्ठा से लेकर रेवती तक के पांच नक्षत्रों को पंचक नक्षत्र कहा जाता है। पंचक की क्षेणी में उत्तरभाद्रपद नक्षत्र चोथा पंचक है। इसलिए आज पंचक है। इस दौरान लेन-देन ,व्यापारिक सौदे, घर में लकड़ी आदि का कार्य या घर बनाने के लिये लकड़ी इकट्ठी करना जैसे कामों से बचना चाहिए। यदी आप यह कार्य इस दौरान करेंगे तो आपको धन की हानि हो सकती है। कल 16 अगस्त रात 9 बजकर 7 मिनट तक आपको इन सब बातों का ध्यान रखना चाहिए।

अब बात करेगे आज संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत की

  1. आज संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत है।आप सभी जानते है की हर माह के कृष्ण और शुक्ल, दोनों पक्षों की चतुर्थी को भगवान गणेश की पूजा का विधान है। बस फर्क केवल इतना है कि कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी, जबकि शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को वैनायकी श्री गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है और यह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है, तो इसलिए आज संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत है। आज संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत के उपलक्ष्य में भगवान श्री गणेश की उपासना बड़ी ही फलदायी होगी। संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी का अर्थ होता है- संकटों को हरने वाली। भगवान गणेश बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य को देने वाले हैं | इनकी उपासना शीघ्र फलदायी मानी गई है।
  2. जो व्यक्ति आज संकष्टी श्री गणेश चतुर्थीव्रत करता है, उसके जीवन में चल रही सभी समस्याओं का समाधान निकलता है और उसके सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है | आपको बता दूं कि इस व्रत का पारण चन्द्रमा को अर्घ्य देने के बाद किया जाता है, और आज चन्द्रोदय रात 9 बजकर 05 मिनट पर होगा | इसके अलावा आज के दिन शुभ फलों की प्राप्ति के लिए और जीवन में सभी परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए आपको कौन से उपाये करने चाहिए इस सबकी हम चर्चा करेगें। 
  3. अगर आप अपने परिवार में सुख-शांति बनाये रखना चाहते हैं, तो आज अपने दोनों हाथों में लाल फूल लेकर गणेश भगवान को अर्पित करें | साथ ही फूल चढ़ाते समय 'ऊँ गं गणपतये नम:' मंत्र का जप करें। 
  4. अगर आप अपने बच्चे की तरक्की और उसके मान-सम्मान में बढ़ोतरी करना चाहते हैं, तो आज अपने बच्चे के हाथों से मंदिर में तिल दान करवाएं| साथ ही गणेश जी का आशीर्वाद प्राप्त करें | 
  5. अगर आप अपनी सभी इच्छाओं की पूर्ति करना चाहते हैं, तो आज भगवान गणेश को रोली और चंदन का तिलक लगाएं| साथ ही गणेश जी के मंत्र का 11 बार जप करें | मंत्र है - ''वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ: निर्विघ्नं कुरूमें देव सर्व कार्येषु सर्वदा |'' 
  6. अगर आप नौकरी में उच्च पद की प्राप्ति करना चाहते हैं, तो आज के दिन आठ मुखी रुद्राक्ष  की विधिवत पूजा करके गले में धारण करें | 
  7. अगर आप छोटी-छोटी खुशियों को बटोरकर अपने जीवन में आनंद भरना चाहते हैं, तो आज भगवान गणेश को बूंदी के लड्डुओं का भोग लगाएं | भोग लगाने के बाद बचे हुए लड्डूओं को छोटी कन्याओं में बांट दें और उनका आशीर्वाद लें |
  8. अगर आप अपने बच्चों के जीवन की गति को बनाये रखना चाहते हैं, तो आज भगवान गणेश की पूजा के समय एक हल्दी की गांठ लें और उसे कलावे से बांधकर पूजा स्थल पर रख दें| पूजा समाप्त होने के बाद उस हल्दी की गांठ को पानी की सहायता से पीस लें और उससे बच्चे के मस्तक पर तिलक लगाएं। 
  9. अगर आपके जीवन में किसी तरह की परेशानी चल रही है और आप चाहते हैं कि वह जल्द से जल्द समाप्त हो जाये, तो आज तिल और गुड़ के लड्डू बनाएं और गणेश भगवान की विधि-विधान से पूजा करके उन लड्डुओं से भोग लगाएं और बाकि बचे लड्डुओं को प्रसाद के रूप में परिवार के सब सदस्यों में बाँट दें।
  10. अगर आप अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाये रखना चाहते हैं, तो आज एक पान का पत्ता लें और उसके मध्य में रोली से स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं। अब वह पान का पत्ता भगवान गणेश को अर्पित करें। साथ ही गणेश जी के मंत्र का 108 बार जप करें | मंत्र है - ‘ऊँ गं गणपतये नमः' 
  11. अगर आप अपने घर में धन-धान्य और सुख-समृद्धि को बढ़ाना चाहते हैं, तो आज विघ्नहर्ता श्री गणेश भगवान को मोदक का भोग लगाएं। साथ ही उनके सामने घी का दीपक जलाएं।
  12. अगर आप अपने कार्यक्षेत्र में मनवांछित सफलता प्राप्त करना चाहते हैं, तो आज न श्री गणेश भगवान को एक कपूर और 6 लौंग की आहुति दें| साथ ही एक कलावा का टुकड़ा लेकर गणेश भगवान के चरणों में रख दें और भगवान की पूजा करें| पूजा के बाद उस कलावे को अपने हाथ में बांध लें। 
  13. अगर आपको लगता है कि आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है, तो आज आपको अपने घर के मंदिर में सफेद रंग के गणपति जी की मूर्ति की स्थापना करनी चाहिए| साथ ही भगवान की विधि-पूर्वक पूजा करके संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।
  14. अगर आप अपने दाम्पत्य जीवन को भरपूर सुख से भर देना चाहते हैं, तो आज दो बेसन के लड्डू, थोड़े-से तिल, चावल, मेवा और कोई एक फल अलग-अलग पांच पोटली में बांध लीजिये | अब भगवान गणेश के मंदिर जाकर मंत्र जप करते हुए सारी चीजों को एक-एक करके भगवान को अर्पित करें | मंत्र है - 'श्री गणेशाय नमः|' एक चीज चढ़ाएं और मंत्र बोलें - 'श्री गणेशाय नम: |' इसी प्रकार बाकी की चीजें भी मंत्र बोलते हुए चढ़ाएं | 

डिस्क्लेमर: इस लेख में व्यक्त विचार लेखक के हैं। इंडिया टीवी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता

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