Guru Gochar 2026: जब भी कोई ग्रह नक्षत्र या राशि परिवर्तन करते हैं तब इसका असर सभी 12 राशियों की जिंदगी पर पड़ता है। जून के शुरुआत में गुरु का राशि परिवर्तन होने जा रहा है। 2 जून को गुरु कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जिसके बाद 31 अक्टूबर तक इसी राशि में रहेंगे। 31 अक्टूबर के बाद गुरु कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में गुरु के स्थित होने से संतान, विद्या, घर और स्वास्थ्य आदि विषयों पर विचार किया जाता है। गुरु जहां बैठता है, उस स्थान की हानि करता है और जहां देखता है, उस स्थान की वृद्धि करता है। तो चलिए जानते हैं कि गुरु का गोचर किन राशियों के लिए लाभकारी रहेगा और किन्हें थोड़ा संभलकर रहना होगा।
मेष राशि
गुरु का गोचर आपके जन्मपत्रिका के चौथे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के चौथे स्थान का संबंध हमारे भवन, भूमि, वाहन और माता से है। चतुर्थ गुरु शुभ फल देने वाला होगा। गुरु का यह गोचर आपके सभी कष्टों को हर लेगा। आपको सभी प्रकार के सांसारिक सुख का लाभ मिलेगा। परिवार में सबके साथ रिश्ते अच्छे बने रहेंगे सबसे भरपूर सुख और सहयोग मिलेगा। आपका प्रमोशन हो सकता है, जिससे आपकी आमदनी में बढ़ोतरी होगी। लिहाजा आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। लिहाजा गुरु की शुभ स्थिति बनाये रखने के लिये इस दौरान बड़ों का आदर करें किसी भी सूरत में उनका अपमान ना करें।
वृष राशि
गुरु का गोचर आपके जन्मपत्रिका के तीसरे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के तीसरे स्थान का संबंध हमारे पराक्रम, भाई बहन और यश से है। गुरु के इस गोचर के प्रभाव से आपकी तरक्की सुनिश्चित होगी। इस दौरान आपका स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा। आपके घरपरिवार में हर तरह से वृद्धि होगी। साथ ही आपके प्रति रिश्तेदारों का व्यवहार भी अच्छा रहेगा। व्यावसायिक क्षेत्र में आपको अपनी मेहनत के बल पर लाभ होगा। लिहाजा गुरु के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए कन्याओं का पैर छुकर आशीर्वाद लें या किसी की बुराई ना करें।
मिथुन राशि
गुरु का गोचर आपके जन्मपत्रिका के दूसरे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के दूसरे स्थान का संबंध हमारे धन और स्वभाव से है। गुरु का यह गोचर आपके लिये हर तहर से फेवरेवल होगा। आपके करियर में लाभ की स्थिति बनेगी। आपको भरपूर यश सम्मान की प्राप्ति होगी। आपको हर तरह के भौतिक सुख साधनों की प्राप्ति होती रहेगी। इस दौरान आपका स्वास्थ्य पहले से भी ज्यादा बेहतर होगा। लिहाजा गुरु के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए जरूरतमंद की सहायता करें या गुरु के उपाय करें।
कर्क राशि
गुरु का गोचर आपके जन्मपत्रिका के लग्न यानि पहले स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में लग्न यानि पहले स्थान का संबंध हमारे शरीर और मुख से है। गुरु के इस गोचर के प्रभाव से आपके पारिवारिक रिश्ते मजबूत होंगे। बिजनेस में आपके मेहनत के बल पर ही आपको लाभ की प्राप्ति होगी। व्यर्थ के खर्चो पर कंट्रोल करेंगे, तो ही आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। समाज में यश पाने के लिए आपको थोड़ी कोशिश करनी पड़ेगी। गुरु के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए राजकोष से मिले धन का कुछ हिस्सा तिजोरी में रहें या स्त्री का सम्मान करें।
सिंह राशि
गुरु का गोचर आपके जन्मपत्रिका के बारहवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के बारहवें स्थान का संबंध आपके व्यय और शय्या सुख से है। गुरु के इस गोचर से आपके परिवार की सुख शांति और जीवन में समृद्धि बनी रहेगी। साथ ही आपकी धन-संपदा में वृद्धि होगी। आपका जीवन खुशियों से भर जाएगा। सबके साथ रिश्ते मधुर रहेंगे। इस दौरान आपका बिजनेस आपको धन लाभ कराएगा। किसी पुराने भय या स्वास्थ्य संबंधी समस्या से छुटकारा मिलेगा। लिहाजा गुरु के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए प्रतिदिन मस्तक पर केसर का तिलक करें या पीपल के पेड़ को नुकसान ना पहुंचाएं।
कन्या राशि
गुरु का गोचर आपके जन्मपत्रिका के ग्यारहवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के ग्यारहवें स्थान का संबंध हमारे आय और इच्छाओं की पूर्ति से होता है। आपके लिये गुरु का यह गोचर बेहद शुभ है। गुरु का यह गोचर आपको प्रचुर धन लाभ कराएगा। करीयर में भी आपकी तरक्की सुनिश्चित होगी। इस दौरान आपका स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा। साथ ही आपकी तिजोरियां धन से भर जायेगी। विद्यार्थियों को अपनी मेहनत का उचित फल मिलेगा। साथ ही अगर आप उच्च शिक्षा के लिए प्रयासरत हैं, तो इस दौरान आपके काम जरूर बनेंगे। लिहाजा गुरु के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए इस दौरान झूठ न बोले या ईर्ष्या करने से बचें।
तुला राशि
गुरु का गोचर आपके जन्मपत्रिका के दसवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के दसवें स्थान का संबंध हमारे करियर, राज्य और पिता से होता है। आपके लिए गुरु का यह गोचर मिला जुला रहने वाला है। इस दौरान आपको अपने कार्यों को पूरा करने में थोड़ी और मेहनत करनी पड़ेगी। अगर आप कला के क्षेत्र से जुड़े है, तो इस दौरान आपको थोड़ी बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। पारिवारिक जिम्मेदारियों से थोड़ा राहत मिलेगा। लिहाजा गुरु के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए इस दौरान सर ढक या जब सूर्य ग्रहण पड़े तो बादाम या नारियल का दान करें।
वृश्चिक राशि
गुरु का गोचर आपके जन्मपत्रिका के नौवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के नौवें स्थान का संबंध हमारे भाग्य से होता है। गुरू के इस गोचर के दौरान आपको भवन निर्माण करने में रुकावटें आयेंगी। भाई व परिवार के किसी व्यक्ति से आपको सहयोग मिलेगा। इस दौरान आप अपने आपको उर्जावान महसूस करेंगे। धार्मिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। लिहाजा गुरु के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए प्रतिदिन भगवान के दर्शन करें या धर्म का पालन करें।
धनु राशि
गुरु का गोचर आपके जन्मपत्रिका के आठवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के आठवें स्थान का संबंध हमारे आयु से है । इस दौरान आपको अपने घरेलू मामलों एवं कार्यों में थोड़ी समस्या आ सकती है। आपके अधिकारियों के साथ रिश्ते अच्छे बने रहेंगे, जो आपके आय पर भी प्रभाव डालेगा। सफलता पाने के लिए आपको अधिक मेहनत करनी पड़ेगी। इस दौरान आपको उलझनों का सामना करना पड़ सकता है। लिहाजा गुरु के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए गले में सोना पहने या जरुरतमंदों की यथा संभव सहायता करें।
मकर राशि
गुरु का गोचर आपके जन्मपत्रिका के सातवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के सातवें स्थान का संबंध हमारे जीवनसाथी से है। इस दौरान जीवनसाथी हर कार्य में आपका सहयोग करेंगे। सप्तम स्थान का गुरु आपके, अपने भाईबहनों से रिश्ते और मजबूत बनायेगा। इस बीच गुरुजनों का भी भरपूर सहयोग मिलेगा। गुरु के इस गोचर के दौरान पारिवारिक सौहार्द बढ़ेगा। खर्चो में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस दौरान आपका स्वभाव उग्र होगा। खाने के प्रति अरुचि आयेगी। लिहाजा गुरु के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए इस दौरान शिव जी की पूजा करें या चन्द्र के उपाय करें।
कुंभ राशि
गुरु का यह गोचर आपके जन्मपत्रिका के छठे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के छठे स्थान का संबंध हमारे मित्र, शत्रु और स्वास्थ्य से है। गुरु के इस गोचर से शत्रु पक्ष आपसे दूरी बनाकर रहेगा। माता के साथ आपके रिश्ते और मजबूत होंगे। मन में चल रही किसी बात से छुटकारा मिलेगा। इस दौरान आपका स्वास्थ्य भी उत्तम रहेगा। लिहाजा गुरु के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए इस दौरान अपना आचरण अच्छा रखें या गणेश जी की पूजा अर्चना करें।
मीन राशि
गुरु का यह गोचर आपके जन्मपत्रिका के पांचवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के पांचवे स्थान का संबंध हमारे संतान, बुद्धि, विवेक और रोमांस से है। गुरु के इस गोचर के दौरान आपको कार्यों में सफलता मिलती रहेगी। आय के नये स्त्रोत मिलने से संचय धन में बढ़ोतरी होगी। सगे–संबंधियों से रिश्तें और मधुर होंगे। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों की तलाश पूरी होगी। साथ ही कार्यरत लोगों की पदोन्नति होगी।
लिहाजा गुरु के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए स्त्रियों का सम्मान करें या धर्म के नाम पर किसी से दान ना लें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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