Guru Vakri and Horoscope: 5 दिसंबर 2025 को शाम 5 बजकर 25 मिनट पर गुरु मिथुन राशि में वक्री हो रहे हैं। 11 मार्च की सुबह 8 बजकर 56 मिनट तक मिथुन राशि में ही वक्री यानि उल्टी गति से गोचर करते रहेंगे, उसके बाद मार्गी हो जाएंगे। तो आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए कि 11 मार्च तक वक्री गुरु से विभिन्न राशि वाले लोगों पर क्या अलग-अलग प्रभाव देखने को मिलेंगे। साथ ही जानेंगे कि वक्री गुरु की शुभ स्थिति के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए और अशुभ फलों से बचने के लिए आपको क्या उपाय करने चाहिए।
मेष राशि
गुरु आपके तीसरे स्थान पर वक्री गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के तीसरे स्थान का संबंध हमारे पराक्रम, भाई-बहन और यश से है। वक्री गुरु के इस गोचर से आपके मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी। इस बीच आपको दूसरों के सामने अपनी बात रखने में थोड़ी हिचकिचाहट भी महसूस हो सकती है। भाई- बहनों के साथ आपके रिश्ते अच्छे बने रहेंगे। लिहाजा गुरु के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए 11 मार्च तक मां दुर्गा की उपासना करना चाहिए।
वृष राशि
गुरु आपके दूसरे स्थान पर वक्री गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के दूसरे स्थान का संबंध हमारे धन और स्वभाव से है। वक्री गुरु के इस गोचर से आपको धन का लाभ होगा। 11 मार्च तक दान-धर्म आदि सेवा कार्यों में सहयोग दे। इस दौरान आपके स्वभाव में सकारात्मक बदलाव आयेगा। मिट्टी के काम से जुड़े लोगों को इस दौरान अधिक लाभ मिलेगा। अतः गुरु के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए सवा किलो चने की दाल पीले कपड़े में बांधकर मंदिर में दे आएं।
मिथुन राशि
गुरु आपके लग्न, यानि पहले स्थान पर वक्री गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में लग्न यानि पहले स्थान का संबंध हमारे शरीर और मुख से है। वक्री गुरु के इस गोचर से आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। आपका अच्छा व्यवहार आपको तरक्की की राह पर ले जाएगा। किसी मुकदमे या वाद-विवाद में अपने पिता या पिता समान किसी व्यक्ति की सलाह लेना आपके लिए बेहतर होगा। लिहाजा गुरु के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं का सम्मान करें।
कर्क राशि
गुरु आपके बारहवें स्थान पर वक्री गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के बारहवें स्थान का संबंध आपके व्यय और शय्या सुख से है। वक्री गुरु के इस गोचर के प्रभाव से आपको शय्या सुख मिलेगा। आपकी तरक्की इस बात पर सुनिश्चित करेगी कि दूसरों के प्रति आपका व्यवहार कैसा होगा। आपको अपने खर्चों पर कंट्रोल रखना चाहिए। लिहाजा गुरु के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए 11 मार्च तक अपने माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं।
सिंह राशि
गुरु आपके ग्यारहवें स्थान पर वक्री गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के ग्यारहवें स्थान का संबंध हमारे आय और इच्छाओं की पूर्ति से होता है। वक्री गुरु के इस गोचर से 11 मार्च तक आपका समय खुशनुमा रहेगा। आपकी आमदनी बढ़ेगी और कामनाओं की पूर्ति होगी, साथ ही आपको उच्च पद की प्राप्ति होगी। आपको पिता की सम्पत्ति का भी लाभ मिलेगा। लिहाजा गुरु के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए परिवार में जब भी किसी को जरूरत पड़े, उनकी मदद जरूर करें।
कन्या राशि
गुरु आपके दसवें स्थान पर वक्री गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के दसवें स्थान का संबंध हमारे करियर, राज्य और पिता से होता है। वक्री गुरु के इस गोचर के प्रभाव से अपने प्रयासों से सफल होंगे। करियर में आ रही समस्याएं समाप्त होंगी। आपके पिता को व्यापार में लाभ होगा। सोने-चांदी या कपड़ा व्यापार से जुड़े लोगों को विशेष लाभ होगा। लिहाजा गुरु के शुभ फल बनाये रखने के लिए 11 मार्च तक अपना सिर ढक कर रखें।
तुला राशि
गुरु आपके नवें स्थान पर वक्री गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के नौवें स्थान का संबंध हमारे भाग्य से होता है। वक्री गुरु के इस गोचर के प्रभाव से 11 मार्च तक आपके भाग्य की गति ठीक रहेगी। साथ ही आप अपनी बात के पक्के होंगे और अपनी योग्यता के बल पर दूसरों के बीच लोकप्रिय होंगे। लिहाजा गुरु के शुभ फल बनाये रखने के लिए प्रतिदिन मंदिर में माथा टेकें।
वृश्चिक राशि
गुरु आपके आठवें स्थान पर वक्री गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के आठवें स्थान का संबंध हमरे आयु से है। वक्री गुरु के इस गोचर से आप इस दौरान थोड़ी दुविधा में फंसे रहेंगे। 11 मार्च तक आपको अपनी सेहत का ध्यान रखने की भी जरूरत है। इस दौरान आप स्वतंत्र विचारों वाले होंगे, लेकिन सांसारिक सुख पाने के लिए आपको अपनी तरफ से कोशिशें करनी पड़ेंगी। अतः गुरु के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए घर पर आये साधु या जरूरतमंद को कुछ दान जरूर दें।
धनु राशि
गुरु आपके सातवें स्थान पर वक्री गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के सातवें स्थान का संबंध हमारे जीवनसाथी से है। वक्री गुरु के इस गोचर से परिवार की खुशियों के लिए आपको कोशिश करनी पड़ेगी। 11 मार्च तक जीवनसाथी के साथ आपको अच्छा व्यवहार करना चाहिए। साथ ही उनकी सेहत का ख्याल जरूर रखना चाहिए। आपको अपने पास धन का संचय करके रखना चाहिए। लिहाजा गुरु की अशुभ स्थिति से बचने के लिए घर आये किसी भी मेहमान को भोजन के लिए जरूर पूछे।
मकर राशि
गुरु आपके छठे स्थान पर वक्री गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के छठे स्थान का संबंध हमारे मित्र, शत्रु और स्वास्थ्य से है। वक्री गुरु के इस गोचर से आपका स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा। शत्रु पक्ष आप पर हावी होने का प्रयास करेगा। आपके पिता और संतान को अपनी तरक्की के लिए कोशिशें जारी रखनी होंगी। 11 मार्च तक नये लोगों से दोस्ती करते वक्त हर पहलू को अच्छे से समझना आपके लिए बहुत जरूरी है। लिहाजा गुरु के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए छोटी कन्याओं को कुछ न कुछ गिफ्ट करते रहें और पीपल की जड़ में पानी डालें।
कुंभ राशि
गुरु आपके पांचवें स्थान पर वक्री गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के पांचवें स्थान का संबंध हमारे संतान, बुद्धि, विवेक और रोमांस से है। वक्री गुरु के इस गोचर से समाज में आपको मान-सम्मान मिलेगा। 11 मार्च तक आपके संतान को कोई सफलता मिलेगी। आपका घर बच्चों की किलकारियों से गुंजेगा। लिहाजा गुरु के शुभ फल बनाये रखने के लिए श्री गणेश की उपासना करें और धार्मिक कामों के लिए सहयोग देते रहे।
मीन राशि
गुरु आपके चौथे स्थान पर वक्री गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के चौथे स्थान का संबंध हमारे भवन, भूमि, वाहन और माता से है। वक्री गुरु के इस गोचर के प्रभाव से आपको भूमि, भवन और वाहन आदि का लाभ पाने में थोड़ा संघर्ष करना पड़ेगा। नौकरी में अनचाही जगहों पर स्थानांतरण भी हो सकता है। इस बीच अपने स्वास्थ्य का भी ख्याल रखें। लिहाजा गुरु के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए अपने से बड़ों का आशीर्वाद लें और हो सके तो उन्हें कुछ गिफ्ट जरूर करें।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
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