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Grah Gochar June 2023: इस महीने इतने ग्रहों का होने जा रहा है राशि परिवर्तन, जानिए इनका महत्व और प्रभाव के बारे में

 Written By: Chirag Bejan Daruwalla Edited By: Vineeta Mandal
 Published : Jun 01, 2023 06:00 am IST,  Updated : Jun 01, 2023 06:00 am IST

June Rashi Parivartan 2023: ज्योतिष के अनुसार, जून 2023 में कई ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे। इस माह सूर्य, बुध गोचर होने वाला है। जानिए जून महीने में में कब-कब ग्रहों का राशि परिवर्तन होगा और इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।

June 2023 Grah Gochar- India TV Hindi
June 2023 Grah Gochar Image Source : INDIA TV

Grah Gochar June 2023: नया महीना जून की शुरुआत हो चुकी है। धार्मिक लिहाज से यह महीना काफी महत्वपूर्ण है। इसमें कई तीज-त्यौहार और व्रत पड़ रहे हैं। इसके अलावा जून में कई ग्रहों का राशि परिवर्तन भी होने जा रहा है। इस महीने जहां सूर्य का गोचर होने वाला है वहीं बुध वृष राशि में अस्त होंगे। वहीं शनि कुंभ राशि में वक्री होंगे। तो आइए जानते हैं कि जून माह में कौन-कौन से ग्रह राशि परिवर्तन करने वाले हैं। 

बुध का वृष राशि में गोचर- 7 जून 2023

वैदिक ज्योतिष में, बुध बुद्धि और तर्क का कारक ग्रह है जो प्रकृति में स्त्रैण है। बुध कुंडली में तीसरे और छठे भाव का स्वामी है। ज्योतिष चिराग बेजान दारुवाला के माध्यम से हम सभी 12 राशियों पर बुध के वृष राशि में गोचर के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों की जानकारी देंगे। यदि बुध अपनी स्वराशि मिथुन और कन्या राशि में अनुकूल स्थिति में हो तो जातकों को अच्छे परिणाम मिलते हैं। वहीं दूसरी ओर जब बुध कन्या राशि में उच्च और शक्तिशाली स्थिति में होता है तो यह जातकों को व्यापार, व्यापार और सट्टेबाजी में अपार सफलता देता है। बुध के वृष राशि में गोचर के दौरान जातकों को सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह के परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। 

बुध का मिथुन राशि में गोचर- 24 जून 2023

बुध को धन, बुद्धि और व्यापार का प्रमुख ग्रह माना जाता है। बुध का गोचर कुछ जातकों के लिए विशेष रूप से शुभ रहेगा। बुध को आमतौर पर एक राशि से दूसरी राशि में जाने में लगभग 23 दिन लगते हैं। लेकिन इस बार बुध 68 दिनों के बाद राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। बुध मिथुन राशि में पहुंच गया है और अगले दो सप्ताह तक सूर्य के साथ गोचर करेगा। ऐसे में बुध आदित्य योग बनेगा और इस दौरान गुरु की दृष्टि भी शुभ रहेगी। इससे कई राशियों को फायदा होगा, बाजार में भी शुभ परिणाम देखने को मिलेंगे। इस गोचर का सबसे अधिक लाभ मिथुन राशि को मिल रहा है।

बुध वृष राशि में अस्त - 19 जून 2023

ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि और तर्क का कारक माना जाता है। जब कुंडली में बुध ग्रह मजबूत होता है तो व्यक्ति को तेज बुद्धि, अच्छा स्वास्थ्य और जीवन में संतुष्टि मिलती है। इससे व्यापार, नौकरी और व्यापार में अच्छी सफलता मिलती है। वहीं जिन लोगों की कुंडली में बुध राहु-केतु या मंगल के साथ मौजूद होता है तो लोगों को इसका नकारात्मक प्रभाव झेलना पड़ता है। इस युति के कारण जातक की बुद्धि में कमी आती है तथा उसका व्यवहार हिंसक होने की संभावना रहती है। इसके दुष्प्रभावों में नींद की कमी, त्वचा रोग और तंत्रिका संबंधी समस्याएं शामिल हैं। 19 जून को बुध वृष राशि में अस्त होने जा रहा है। इनके अस्त होने से 4 राशि के जातकों की एकाग्रता में कमी आ सकती है। साथ ही आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। करियर और सेहत के मामले में कई राशियों पर असर पड़ेगा। बुध के अस्त होने से मई के मध्य तक वृश्चिक राशि के अलावा और भी कई राशियों को आर्थिक, करियर और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। 

शनि का कुंभ राशि में वक्री होना - 17 जून 2023

17 जून 2023 को शनि का कुम्भ राशि में वक्री होने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को बहुत महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है, यह सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह है, यह लगभग ढाई वर्ष तक एक राशि में रहता है और ढैय्या बनाता है। और इसीलिए किसी भी जातक पर शनि का प्रभाव सबसे अधिक होता है क्योंकि यह 2 राशियों मकर और कुम्भ का स्वामी होता है और जिस भाव में बैठता है उसके अतिरिक्त तीसरे भाव, सप्तम भाव और दशम भाव को भी देखता है। इस तरह न्यूनतम रूप से भी शनि का प्रभाव एक समय में कम से कम 6 राशियों पर हो सकता है। शनि देव का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में बड़े बदलाव लाने में सक्षम होता है। ये कर्म सेवा के कारक हैं। इन्हें न्याय दाता और कर्मफल दाता भी कहा जा सकता है क्योंकि ये व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार शुभ और अशुभ फल देते हैं। वे किसी व्यक्ति को सिखाने के लिए बहुत कठोर हो सकते हैं लेकिन कभी भी उसे नुकसान पहुँचाने की कोशिश नहीं करते हैं। बल्कि सोना को कुंदन की तरह गर्म करके बनाना उनकी खासियत है। यह मेष राशि में नीच और तुला राशि में उच्च का होता है। 

सूर्य का मिथुन राशि में गोचर- 15 जून 2023

15 जून 2023 दिन बुधवार को सूर्य ग्रह वृष राशि को छोड़कर अपनी मित्र राशि मिथुन में गोचर करेगा और 16 जुलाई तक मिथुन राशि में ही संचार करेगा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में परिवर्तन करता है तो वह तिथि है संक्रांति के नाम से जाना जाता है। इसी प्रकार यदि सूर्य मिथुन राशि में गोचर कर रहा है तो यह मिथुन संक्रांति कहलाएगी। मिथुन राशि में सूर्य के गोचर का असर सभी राशियों पर दिखेगा, कुछ राशियों को सूर्य के गोचर से लाभ मिल सकता है। वहीं कुछ राशियों को भी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। 

(ज्योतिषी चिराग दारूवाला विशेषज्ञ ज्योतिषी बेजान दारूवाला के पुत्र हैं। उन्हें प्रेम, वित्त, करियर, स्वास्थ्य और व्यवसाय पर विस्तृत ज्योतिषीय भविष्यवाणियों के लिए जाना जाता है।)

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