Chandrama Gochar: चंद्रमा को ज्योतिष में मन और माता का कारक ग्रह माना जाता है। इसके साथ ही आपके धन और करियर पर भी इसका प्रभाव देखने को मिलता है। 21 फरवरी को चंद्रमा शाम 7 बजकर 7 मिनट पर मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर कर जाएंगे। चंद्रमा का यह गोचर कुछ राशियों के करियर और आर्थिक पक्ष पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसके साथ ही मानसिक समस्याओं का सामना भी ये राशियां कर सकते हैं। कौन सी हैं ये राशियां और क्या सावधानियां इनको बरतनी चाहिए, आइए जानते हैं।
वृषभ राशि
आपके हानि भाव यानि द्वादश भाव में चंद्रमा का गोचर होगा। द्वादश भाव में बैठे चंद्रमा आपके आर्थिक पक्ष पर बुरा असर डाल सकते हैं। खराब सेहत के कारण धन खर्च हो सकता है। इस दौरान धन का निवेश करने से भी आपको बचना चाहिए। विदेशी कंपनियों में काम करते हैं तो लापरवाही करने से बचें नहीं तो नुकसान हो सकता है। विवाहित जीवन में भी उतार-चढ़ावों का सामना इस राशि के जातकों को करना पड़ सकता है। उपाय के तौर पर शिव चालीसा का पाठ करें।
कन्या राशि
आपकी राशि से अष्टम भाव में चंद्रमा संचार करेंगे। शुभ ग्रह चंद्रमा का इस भाव में होना अच्छा नहीं माना जाता। अष्टम भाव में चंद्रमा की स्थिति अचानक से आपके जीवन में नकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। धन और मान-सम्मान की हानि हो सकती है इसलिए सतर्कता आपको बरतनी होगी। गलत संगति से इस दौरान दूर रहें। उदर और गले से संबंधित स्वास्थ्य समस्याएं इस राशि के कुछ जातकों को परेशानि कर सकती हैं। वित्तीय मामलों में जीवनसाथी या फिर माता-पिता का सहयोग लें। उपाय के तौर पर आपको शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने चाहिए।
वृश्चिक राशि
चंद्रमा का गोचर आपके शत्रु भाव में होगा जिसके कारण शत्रु पक्ष सक्रिय हो सकता है। इस दौरान आपको किसी पर भी आश्यकता से अधिक भरोसा करने से बचना चाहिए नहीं तो धोखा मिल सकता है। आर्थिक स्थिति को सुधारना चाहते हैं तो बेवजह की चीजों पर धन खर्च करने से आपको बचना होगा। लेन-देन किसी विश्वासपात्र के सामने ही करें। कार्यक्षेत्र में होने वाली राजनीति से दूर रहें और अपने काम पर फोकस करें वरना घातक परिणाम आपको प्राप्त हो सकते हैं। उपाय के तौर पर आपको हनुमान चालीसा का पाठ और चंद्र ग्रह के मंत्रों का जप करना चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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