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Holashtak 2026: होलाष्टक में 7 मंत्रों के जप से नकारात्मकता होगी दूर, सेहत और पारिवारिक जीवन में आएंगे सुखद बदलाव

Written By: Naveen Khantwal Published : Feb 20, 2026 07:54 am IST, Updated : Feb 20, 2026 09:33 am IST

Holashtak 2026: होलाष्टक वह समय काल होता है जब शुभ मांगलिक कार्यों को करने की मनाही होती है। हालांकि इस दौरान कुछ मंत्रों का जप करने से शुभ फल आपको प्राप्त हो सकते हैं। आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देंगे।

Holashtak 2026- India TV Hindi
Image Source : PTI होलाष्टक 2026

Holashtak 2026: होलाष्टक की शुरुआत होली से पहले होती है। साल 2026 में होलाष्टक 24 फरवरी से शुरू हो रहे हैं और होलिका दहन के दिन यानि 3 मार्च को होलाष्टक समाप्त होंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होलाष्टक आठ दिनों का अशुभ समय होता है और इस दौरान नकारात्मक और राक्षसी शक्तियां सक्रिय हो जाती है। यही वजह है कि होलाष्टक के दौरान शुभ-मांगलिक कार्यों को करने की मनाही होती है। हालांकि इस दिन नकारात्मकता को दूर करने के लिए कुछ मंत्रों का जप आप कर सकते हैं। आज हम आपको ऐसे ही 7 मंत्रों के बारे में जानकारी देंगे। 

होलाष्टक में करें इन 7 मंत्रों का जप

1. वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा। 

होलाष्टक की अवधि में विघ्नहर्ता श्रीगणेश जी के इस मंत्र का जप करना बेहद शुभ माना जाता है। इस मंत्र का जप करने से आपके कार्य नहीं बिगड़ते और होलाष्टक के दौरान सकारात्मक ऊर्जा की आपको प्राप्ति होती है। 

2. ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः॥

होलाष्टक के दौरान भगवान कृष्ण के इस मंत्र का जप करने से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं। साथ ही भगवान कृष्ण की कृपा से दुख और कष्टों का नाश भी होता है। इस मंत्रा का जप आप सुबह और शाम के समय कर सकते हैं। 

3. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।

भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र का जप होलाष्टक के दौरान करना बेहद शुभ होता है। इस मंत्र के जप से रोग-भय से मुक्ति मिलती है और शिव कृपा आप पर बरसती है। इसके साथ ही महामृत्युंजय मंत्र का जप करने से शनि, राहु-केतु और चंद्रमा का बुरा प्रभाव भी दूर होने लगता है। 

4. ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र प्रचोदयात्

भगवान शिव का यह रुद्र गायत्री मंत्र अत्यंत शुभ माना गया है। होलाष्टक के दिनों में इसका जप करने से सकारात्मकता का अहसास आपको होता है। इस मंत्र का जप करने से पारिवारिक जीवन में भी अच्छे बदलाव आते हैं और आपका मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। 

5. ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नमः।

होलाष्टक के दिनों  में माता महालक्ष्मी के इस मंत्र का जप भी आप कर सकते हैं। इस मंत्र के जप से आपको आर्थिक संपन्नता और पारिवारिक खुशियां प्राप्त होती हैं। 

6. ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।

भगवान विष्णु के इस मंत्र का जप होलाष्टक के दौरान करने से आपको बौद्धिक शक्ति प्राप्त होती है। इस मंत्र का जप करने से आपको जीवन में सुख-समृद्धि भी आती है और आपको आध्यात्मिक शक्ति भी प्राप्त होती है। 

7. या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।

मां दुर्गा के इस मंत्र का जप भी आप होलाष्टक के आठ दिनों में कर सकते हैं। इस मंत्र का जप करने से आपको सिद्धियों की प्राप्ति होती है साथ नकारात्मकता से भी आप दूर रहते हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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