ऑस्ट्रेलिया इस महीने भारत के दौरे पर आ रही है। उसे चार टेस्ट मैच खेलने हैं। लेकिन कप्तान विराट कोहली जिस तरह के फ़ार्म में चल रहे हैं उससे दौरा मेहमान के लिए आसान नहीं होने जा रहा। उसकी परेशानी का सबब है कोहली जिसके लिए अभी तक कोई रणनीति नहीं बन पाई है। ये बात ऑस्ट्रेलिया के कोच डैरन लेहमैन ने भी स्वीकार की है।
कोहली ने हाल ही में नवंबर-दिसंबर में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ में 109.16 की औसत से 655 रन बनाए थे और वह मैन ऑफ़ द सिरीज़ भी थे। ऑस्ट्रेलिया ने आख़िरी बार 2004 में सिरीज़ जीती थी लेकिन लगता है कि कोहली उसका इंतज़ार और लंबा कर देंगे। पहला टेस्ट 23 फरवरी को पुणे में शुरु होगा।
कोहली ने 15 में से छह सेंचुरी 60.76 की औसत से ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ लगाई है। कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 12 टेस्ट मैच खेले हैं। वैसे उनका औसत 50.10 है।
2004 की विजेता टीम के सदस्य रहे लेहमैन ने कहा कि उनके खिलाड़ी महीनों से कोहली के वीडियो देख रहे हैं लेकिन उससे निपटा कैसे जाए, ये अभी तक नहीं समझ पाए हैं। फिलहाल तो एक ही तोड़ नज़र आता है और वो है, 'अच्छी गेंदबाज़ी करो और बाक़ी क़िस्मत पर छोड़ो। हमे कोई न कोई तोड़ निकालना ही होगा जो बारतीय कंडीशंस और पिचों पर ख़रा उतरे।
उन्होंने कहा कि हमें अच्छी गेंदबाज़ी करनी होगी जो हमारे स्पिनरों और फ़ास्ट बॉलरों के लिए एक चुनौती भरा काम होगा। हमें उसके डिफ़ेंस को बेदना होगा और उसे वैसा खेलने के लिए मजबूर करना होगा जैसा हम चाहते हैं।
2013 में माइकल क्लार्क की टीम को इंडिया ने 4-0 से हराया था। उस समय टीम में अनुशासन को लेकर इतनी ख़राब स्थित थी कि पूर्व कोच मिकी आर्थर को चार खिलाड़ियों को ''होमवर्क'' न करने पर बाहर बैठाना पड़ा था। इस दौरे पर ऑस्ट्रेलिया बैटिंग, बॉलिंग और फ़ील्डिंग, तीनों ही विभाग में फिसड्डी साबित हुई थी लेकिन चार साल बाद लेहमैन का कहना है कि स्टीव स्मिथ के पास ऐसे बॉलर्स हैं जो 20 विकेट ले सकते हैं। 'हमारे पास स्पिनर्स हैं जो 20 विकेट ले सकते हैं और फ़ास्ट बॉलर्स भी हैं जो रिवर्स स्विंग करा सकते हैं। हमें भारत पर दबाव बनाने के लिए स्कोरबोर्ड पर रन चाहिये। इसका मतलब ये हुआ कि किसी एक-दो बल्लेबाज़ को गाकड़ बल्लेबाज़ी करनी होगी जैसी की डेमियन मार्टिन और माइकल क्लार्क ने की थी।'
मार्टिन और क्लार्क ने 800 से ज़्यादा रन बनाए थे बाक़ी काम ग्लैन मैक्ग्रा, जैसन गिलिप्सी और शैन वॉर्न ने कर दिया था।