कराची: प्रतिबंधित स्पिनर दानिश कनेरिया ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट में अलग थलग पड़ने और शोषण का शिकार होने से वह दुखी है लेकिन एक पाकिस्तानी के तौर पर सिर्फ इसलिए उनकी निष्ठा पर संदेह नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि उन्हें लगता है कि बीसीसीआई उनकी मदद कर सकता है।
कनेरिया चाहते हैं कि बीसीसीआई, आईसीसी का प्रतिबंध हटाने में उनकी मदद करे। कनेरिया पर काउंटी क्रिकेट में स्पाट फिक्सिंग प्रकरण के कारण प्रतिबंध लगा था।
उन्होंने कहा, ‘मैं कोई बयान नहीं देना चाहता लेकिन भारतीय मीडिया में मेरे बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया। मैं दुखी और आहत हूं लेकिन मैं हमेशा पाकिस्तानी रहूंगा।
उनके बड़े भाई विकी ने कहा कि कनेरिया परिवार कभी ऐसा कुछ नहीं करेगा जिससे पाकिस्तान बोर्ड या क्रिकेट की छवि को ठेस पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह 2010 से भुगत रहा है और उसकी आर्थिक स्थिति काफी खराब है। हम संयुक्त परिवार में रहते हैं जिससे उसका गुजारा हो रहा है।
कनेरिया ने ईसीबी ट्रिब्यूनल और कोर्ट में भी दो अपील की थी लेकिन खारिज हो गई। ईसीबी ने अब सिंध हाईकोर्ट में अपील करके मांग की है कि उसकी संपत्ति बेचकर स्पाट फिक्सिंग मामले में अदालती कार्रवाई का खर्च वसूल किया जाए।
विकी ने कहा कि पीसीबी द्वारा फिक्सिंग में शामिल खिलाडि़यों के साथ किए गए बर्ताव से दानेश और दुखी है। उन्होंने कहा, ‘मोहम्मद आमिर ने पाकिस्तानी टीम में वापसी कर ली है जबकि 2010 में दानेश उस दौरे पर था और उसने सब अपनी आंखों से देखा था।’