इंग्लैंड का दौरा करने वाली भारतीय क्रिकेट टीम साउथैम्प्टन में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल से पहले आइसोलेशन के दौरान बायो-बबल में में अभ्यास करने की अनुमति देने से पहले केवल तीन दिन के सख्त क्वारंटीन से गुजरने के लिए कहा जा सकता है।
भारतीय टीम का रोडमैप वैसा ही हो सकता है जैसा न्यूजीलैंड अपने टेस्ट दौरे के लिए इंग्लैंड पहुंचने पर अनुसरण कर रहा है। न्यूजीलैंड की टीम 2 जून से मेजबान के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी और इसके बाद 18 जून से भारत के खिलाफ डब्ल्यूटीसी फाइनल में हिस्सा लेगी।
भारत डब्ल्यूटीसी फाइनल के अलावा अगस्त-सितंबर में इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैच खेलेगा। भारतीय टीम 2 जून को मुंबई से रवाना होगी और इंग्लैंड पहुंचने पर 10-दिवसीय आइसोलेशन पीरियड में रहेगी, जिसका विवरण अभी तक स्पष्ट नहीं है क्योंकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है।
हालाँकि, यह समझा जाता है कि बीसीसीआई और इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के बीच चर्चा चल रही है और चूंकि भारत के अधिकांश खिलाड़ी पहले से ही मुंबई में बायो-सिक्योर बबल में हैं और अन्य अगले कुछ दिनों में शामिल हो रहे हैं, इसलिए कोविड -19 मामलों की बढ़ती संख्या के कारण भारत के यूके सरकार की रेड लिस्ट में होने के कारण क्वारंटीन होगा लेकिन इसमें थोड़ी राहत मिल सकती है।
छह के समूहों में अभ्यास करने की अनुमति देने से पहले न्यूजीलैंड को अनिवार्य रूप से तीन दिवसीय कठिन क्वारंटीन से गुजरने के लिए कहा गया था। वे सोमवार और मंगलवार को जत्थे में पहुंचे थे।
न्यूजीलैंड, जो अभी साउथेम्प्टन में डेरा डाले हुए है, इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए इस महीने के अंत में लंदन का रुख करेगा। भारतीा टीम 2 जून से साउथेम्पटन में डेरा डाल लेगी।