नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण (2013) में हुए स्पॉट फिक्सिंग की सुनवाई कर रही एक अदालत ने शुक्रवार को इस मामले में आरोप सिद्ध करने के मुद्दे पर फैसला सुरक्षित रख लिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नीना बंसल ने मामले में आरोप तय करने के लिए 23 मई की तारीख मुकर्रर की।
दिल्ली पुलिस ने पिछले साल 23 जुलाई को स्पॉट फिक्िंसग मामले में आरोप पत्र दाखिल किए थे और कहा था कि इस पूरे मामले के पीछे अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगी छोटा शकील का हाथ है।
आईपीएल में हुए स्पॉट फिक्सिंग के मामले में पुलिस द्वारा दाखिल किए गए 6,000 पन्नों के आरोप पत्र में भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी एस. श्रीसंत, अजीत चंदेला और अंकित चव्हाण का भी नाम शामिल है।
इन तीनों पर भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत धोखेबाजी और षड्यंत्र करने का आरोप लगाया गया है।
इस मामले में दाऊद और शकील को पहले ही अपराधी घोषित किया जा चुका है और पुलिस भारत में दोनों की संपत्ति को जब्त कर चुकी है।