विशाखापट्टनम: अपनी दमदार गेंदबाजी और शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों की शानदार फार्म के कारण खिताब के प्रबल दावेदारों में शामिल सनराइजर्स हैदराबाद इंडियन प्रीमियर लीग के कल यहां होने वाले मैच में संघर्षरत राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स के खिलाफ पिछली हार का बदला चुकता करने के लिये उतरेगी। पुणे के लिये अब स्थिति करो या मरो जैसी है और महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली टीम को प्लेआफ में पहुंचने की अपनी धुंधली उम्मीद बरकरार रखने के लिये अब हर मैच में बड़े अंतर से जीत से जीत दर्ज करनी होगी। पुणे ने अब दस मैचों में से केवल तीन में जीत हासिल की है और वह छह अंक के साथ छठे स्थान पर है। दूसरी तरफ सनराइजर्स ने नौ मैचों में छह जीते हैं और वह 12 अंक के साथ दूसरे स्थान पर काबिज है।
पुणे ने हालांकि इन दोनों टीमों के बीच खेले गये पिछले मैच में जीत दर्ज की थी और धोनी की टीम उससे प्रेरणा लेना चाहेगी। पुणे ने इसके अलावा मुंबई इंडियन्स और दिल्ली डेयरडेविल्स से भी एक एक मैच जीते हैं लेकिन बाकी मैचों में उसकी टीम संघर्ष करती ही नजर आयी। पुणे की परेशानी कई स्टार खिलाडि़यों के चोटिल हो जाने से और बढ़ी है। केविन पीटरसन, फाफ डुप्लेसिस, स्टीवन स्मिथ और मिशेल मार्श जैसे खिलाड़ी चोटिल होने के कारण स्वदेश लौट गये हैं। पाकिस्तान में जन्में आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा और पूर्व आस्ट्रेलियाई कप्तान जार्ज बेली टीम से जुड़ गये हैं लेकिन वह अब तक कोई अंतर पैदा नहीं कर पाये हैं।
सुपरजाइंट्स के पास अच्छे गेंदबाजों की कमी है जो कि विरोधी टीम को कम स्कोर पर रोक सके। इस सत्र में उसका कोई भी गेंदबाज सर्वाधिक विकेट लेने वाले शीर्ष 15 गेंदबाजों की सूची में नहीं है। जहां तक बल्लेबाजी का सवाल है तो अंजिक्य रहाणे ही एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने निरंतर अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने अब तक 417 रन बनाये हैं और सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर हैं। सनराइजर्स का मजबूत पक्ष उसकी गेंदबाजी है। उसने अपने गेंदबाजों के दम पर मौजूदा चैंपियन मुंबई इंडियन्स को कल रात 85 रन से करारी शिकस्त दी। अनुभवी आशीष नेहरा, स्विंग गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार, बांग्लादेश की सनसनी मुस्तफिजुर रहमान और बरिंदर सरन की मारक गेंदबाजी विरोधी बल्लेबाजों के लिये परेशानी का सबब रही है। बल्लेबाजी की बात करें तो अब तक कप्तान डेविड वार्नर ने सारा जिम्मा अकेले उठा रहा था लेकिन अब शिखर धवन ने फार्म में वापसी कर ली है। वार्नर ने अब तक पांच अर्धशतकों की मदद से 458 रन बनाये हैं जबकि धवन ने कल मुंबई के खिलाफ नाबाद 85 रन की पारी खेली। युवराज सिंह के चोट से उबरकर वापसी करने और कल मुंबई के खिलाफ अपने पुराने रंग में लौटने से टीम का मध्यक्रम भी मजबूत हो गया है जो अब तक उसके लिये चिंता का विषय बना हुआ था। आलराउंडर मोएजेस हेनरिक्स ने खुद को टीम के लिये अहम साबित किया है। उनकी उपस्थिति से टीम में आवश्यक संतुलन बन जाता है।