क्राइस्टचर्च: न्यूज़ीलैंड के कप्तान ब्रैंडन मैक्कुलम नए अपने आख़िरी टेस्ट को टेस्ट इतिहास की सबसे तेज़ सेंचुरी लगाकर यादगार बना डाला। मैक्कुलम ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ दूसरे टेस्ट के पहले दिन 54 गेंदों पर सेंचुरी ठोक डाली। वैसे उन्होंने 79 बॉल पर 145 रन बनाए।
मैक्कुलम की 145 रन की पारी में 16 चौक्के और चार छक्के शामल हैं। उन्होंने वेस्ट इंडीज़ के विवियन रिचर्ड्स और पाकिस्तान के मिस्बाह उल हक़ का रिकॉर्ड तोड़ा जिन्होंने इसके पहले 56 गेंदों पर सेंचुरी लगाई थी। रिचर्ड्स ने 1985-86 में सेंट जोंस में इंग्लैंड के खिलाफ 56 गेंदों पर शतक लगाया था। पाकिस्तान के मिस्बाह उल हक ने भी 56 गेंदों पर शतक लगाया है।
टेस्ट मैचों में भारत की ओर से सबसे तेज शतक का रिकार्ड कपिल देव के नाम दर्ज है। कपिल ने 1986-87 में कानपुर में श्रीलंका के खिलाफ 74 गेंदों पर शतक लगाया था।
क्राइस्टचर्च टेस्ट मैक्कुलम का 101वां और आख़िरी टेस्ट है। इसके बाद वह टेस्ट को अलविदा कह देंगे। वह वनडे से पहले ही सन्यास ले चुके हैं।
न्यूज़ीलैंड ने टॉस हारने के बाद लंच पर तीन विकेट खोकर 74 रन बनाए थे। इसके बाद मौक्कुलम ने आतिशी पारी खेलनी शुरु की हालंकि एक बार वह जैम्स पैटिंसन की बॉलुंग पर मिशल मार्श द्वारा लपक लिए गए थे लेकिन नो बॉल पर।